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सम्मानों की बौछार

कुछ समय पहले एक खबर आई थी कि लंदन की एक तथाकथित ‘प्रतिष्ठित’ संस्था इंटरनेशनल बायोग्राफिकल सेंटर ने इलाहाबाद शहर के अमर बंधुओं को दुनिया भर के शीर्ष सौ पेशेवर लोगों के रूप में सम्मानित किया है। पर उन्हें यह सम्मान पाने के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ी, यह अभी पता नहीं चला है। एक […]

Author July 21, 2015 8:28 AM

कुछ समय पहले एक खबर आई थी कि लंदन की एक तथाकथित ‘प्रतिष्ठित’ संस्था इंटरनेशनल बायोग्राफिकल सेंटर ने इलाहाबाद शहर के अमर बंधुओं को दुनिया भर के शीर्ष सौ पेशेवर लोगों के रूप में सम्मानित किया है। पर उन्हें यह सम्मान पाने के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ी, यह अभी पता नहीं चला है। एक सूचना के आधार पर माना जा सकता है कि यह कीमत कम से कम दस हजार रुपए तो होगी ही।

कुछ भी हो, इलाहाबादियों के लिए तो यह खुशी की बात है। यह खुशी तब और भी बढ़ जानी चाहिए जब आपको पता चलेगा कि इस प्रकार के सम्मान अमेरिका और ब्रिटेन की संस्थाएं दुनिया भर के बहुत सारे शहरों में रेवड़ी की तरह बांटती रहती हैं, पर मुफ्त में नहीं। इस प्रकार का सम्मान आप भी प्राप्त कर सकते हैं। ज्यादा नहीं, कम से कम सौ डॉलर खर्च कर। इसके बदले में आपको मिलेगा एक प्रमाण-पत्र, जिसे आप फ्रेम करा के अपनी बैठक में टांग कर मित्रों को दिखा सकते हैं। यह संस्था आपकी इच्छानुसार आपको कोई भी सम्मान (अवार्ड) दे सकती है।

जैसे इंटरनेशनल मैन आॅफ द इयर, इंटरनेशनल इंजीनियर ऑफ द इयर, ग्रेटेस्ट लिविंग लीजेंड, इंटरनेशनल एंबेसडर ऑफ गुडविल, इमीनेंट पर्सनेलिटी ऑफ इंडिया, इंटरनेशनल लीडर इन एचीवमेंट, फर्स्ट फाइव हंड्रेड इन द वर्ल्ड, ग्लोबल इयर ऑफ एचीवमेंट आदि। ऐसे कम से कम सौ पुरस्कार या सम्मान इस संस्था के पास हैं। इनमें से जो भी आपको पसंद हो, वह मिल जाएगा। अलग-अलग अवार्ड के लिए अलग-अलग फीस है जो आठ-दस हजार रुपए से लेकर लाख-दो लाख या अधिक भी हो सकती है। यानी जैसा सम्मान, वैसी फीस।

पिछले पचास वर्षों में मेरे पास भी इस प्रकार के कम से कम एक दर्जन प्रस्ताव तो आए ही हैं कि मेरा नाम दुनिया भर में चुने हुए ऐसे सौ लोगों की सूची में संस्तुत किया गया है, जिनका योगदान किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय है और इसके लिए वे मेरा नाम ‘इंटरनेशनल बायोग्राफिकल डिक्शनरी’ में शामिल करने जा रहे हैं। इस डिक्शनरी में परिचय किस प्रकार दिया जाएगा, उसका प्रारूप भी प्रस्ताव वाले पत्र के साथ संलग्न रहता है। साथ ही एक महत्त्वपूर्ण सूचना- इतने अहम कोश की प्रति तो आप अपने पास रखना ही चाहेंगे, ताकि अपने मित्रों/ परिचितों को दिखा सकें कि आप कितने महत्त्वपूर्ण व्यक्ति हैं। इसलिए लौटती डाक से अपने संशोधित परिचय के साथ निर्धारित रकम भेज कर अपनी प्रति सुरक्षित करा लें, क्योंकि सीमित प्रतियां ही छापी जाएंगी।

इसी प्रकार का एक सम्मान कुछ वर्ष पूर्व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंगरेजी विभाग के एक प्राध्यापक को भी मिला था। मैं उन्हें नहीं जानता था, पर वे खुद मेरे पास एक अंतरराष्ट्रीय कविता संग्रह की एक पुस्तक लेकर आए और कहा कि उनकी और उनकी पत्नी की कविताएं उस संग्रह में हैं। मैंने उन्हें बधाई दी और उस पुस्तक के पन्ने पलटने लगा। मेरा ध्यान पुस्तक के अंतिम कवर पर गया, जिसमें पुस्तक के अगले संस्करण (वह पुस्तक प्रति वर्ष छपती है) के प्रकाशन की सूचना थी कि अगर आप भी अपनी कविताएं अगले संस्करण में छपाना चाहते हैं तो अपनी अधिक से अधिक पांच कविताएं और पुस्तक का मूल्य पचास डॉलर (डाक खर्च सहित) एक निश्चित तिथि तक भेज दें। मैंने उन्हें वह विज्ञापन दिखाया तो फिर उसके आगे वे और कुछ नहीं कह सके।

कुछ समय पहले मुझे अमेरिकन बायोग्राफिकल सेंटर का पत्र मिला था, जिसमें बताया गया था कि केंद्र के निर्देशकों ने जिन सौ लोगों को ‘मैन आफ द इयर’ चुना है, उनमें मेरा नाम भी है। मेरे लिए विशेष रूप से ग्यारह हजार सात सौ चौदह इंच का सर्टिफिकेट बनवाया गया है, जिसका नमूना साथ में है। वह एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है, इसलिए उसकी छपाई भी विशेष ढंग से विशेष कागज पर की जाएगी। निश्चय ही मैं यह सर्टिफिकेट प्राप्त करना चाहूंगा। उसकी छपाई और भेजने के खर्च के रूप में मैं केवल सौ डॉलर भेज दूं।

इसके साथ ही मेरे लिए यह भी गौरव की बात थी कि निदेशक-मंडल ने मुझे अपनी ‘गवर्निंग बॉडी’ का सदस्य चुना है। इसलिए मुझसे आशा की जाती है कि आगामी किसी भी सम्मान लिए मैं ऐसे लोगों के नाम भेज सकता हूं, जिन्हें मैं समझता हूं कि यह सम्मान मिलना चाहिए। इंटरनेट पर आप विकीपीडिया देखें तो पता चलेगा कि आजकल इस संस्था का कोई भी सम्मान तीन सौ पचहत्तर से चार सौ पंचानबे डॉलर तक में खरीदा जा सकता है। इस संस्था का दफ्तर लंदन में नहीं, कैंब्रिज के पास एक छोटे-से गांव एलाई में है। ब्रिटेन की सरकार के उपभोक्ता संस्थान ने इसे पूरी तरह ‘स्कैम’ (फर्जी) घोषित किया हुआ है।

महेंद्र राजा जैन

 

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