लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड में पली-बढ़ी पद्मा चोरोल ने आइस हॉकी में नाम कमाया। संसाधनों की कमी और मुश्किलों के बावजूद, उन्होंने लड़कों के साथ खेलकर और जमी हुई झीलों पर अभ्यास करके खुद को साबित किया। उनके भाइयों ने उन्हें प्रेरित किया और स्पीड स्केटिंग से मिली ताकत ने उन्हें मजबूत बनाया। 2016 में भारतीय महिला आइस हॉकी टीम में शामिल होकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई।