व्हाइट विडो से अबेदो तक जुर्म और आतंकवाद की दुनिया में इन महिलाओं के नाम से खौफ खाते हैं लोग

क्राइम की दुनिया में महिलाएं भी पुरूषों से पीछे नहीं रहीं हैं। क्राइम की काली दुनिया में कई महिलाओं ने आतंक फैलाया है। किसी को व्हाइट विडो कहा जाता है तो किसी को गॉडमदर। व्हाइट विडो पर तो 400 लोगों को मारने का आरोप है।

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दुनिया की सबसे खतरनाक महिलाओं में से एक व्हाइट विडो (फोटो- इंटरपोल)

क्राइम, जासूसी और अपराध की दुनिया में महिलाओं का नाम पुरुषों से कम नहीं है। कई महिलाएं अपराध की दुनिया में जब उतरीं तो लोग उनके नाम से ही खौफ खाने लगे थे। चाहे व्हाइट विडो हो या फिर अबेदो, इन सभी ने जुर्म और आतंकवाद में नाकाबिले-माफी हरकतें की हैं।

इनमें से कई महिलाएं बंद दरवाजे के पीछे से शासन करने के लिए मशहूर रही हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी ही महिलाओं कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने क्राइम की दुनिया में अपना सिक्का जमाया है।

सामंथा लेथवेट उर्फ ​​द व्हाइट विडो– सामंथा लुईस लेथवेट, जिसे शेराफिया लेथवेट या व्हाइट विडो के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ब्रिटिश जिहादी है। सामंथा दुनिया के सबसे वांटेड आंतकवादियों में से एक है। इसका पहला पति भी एक आतंकवादी था, जिसने लंदन की अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन में खुद को बम से उड़ा लिया था। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद इसने दूसरी शादी की और आतंकवाद में पूरी तरह से डूब गई। व्हाइट विडो पर 400 से अधिक लोगों की मौत का आरोप है।

मारिया लिसिआर्डी– डीएनए के अनुसार मारिया को इटली की क्राइम की दुनिया का गॉडमदर भी कहा जाता है। 1993 से 2001 तक मारिया लिसियार्डी नेपल्स में कैमोरा अपराध सिंडिकेट की बॉस रही थी। इसके नाम कई अपराध दर्ज हैं। हत्या से लेकर बमबारी तक के मामले इस पर दर्ज हैं। मारिया लिसियार्डी को 2001 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसकी गैंग आज भी चल रही है, और बॉस की कुर्सी अभी भी मारिया के पास है।

अबेदो- अफगानिस्तान: नौ बच्चों की मां अबेदो ने 70 के दशक के अंत में लड़ना शुरू किया। अबेदो एक अर्धसैनिक कमांडर थी, जो अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में सक्रिय थी। 1979 में जब सोवियत संघ ने अफगानिस्तान पर आक्रमण किया तो उसने अपने मुजाहिदीन पति के पक्ष में लड़ना शुरू कर दिया। 1987 में अपने पति की मृत्यु के बाद, उसने 200 मुजाहिदीन लड़ाकों की कमान संभालना जारी रखी। 1989 में सोवियत सेना की वापसी के बाद, अबेदो ने लड़ाई छोड़ शांति से अपना जीवन व्यतीत करने लगी थी। लेकिन जब तालिबान ने उसकी दुकान में आग लगा दी तो उसने हेलमंद प्रांत के अपने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए एक छोटा सा मिलिशिया संगठन बना लिया था।

कहा जाता है कि अबेदो की क्रूरता से सोवियत के सैनिक भी डरते थे और तालिबान भी। अपने मुजाहिदीन लड़ाकों के साथ अबेदों ने कितने ही सोवियत सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था।

अन्ना चैपमैन उर्फ ​​अन्ना कुशचेंको– अन्ना वासिलिवेना चैपमैन बाहर से एक मॉडल और अंदर से एक खतरनाक रूसी खुफिया एजेंट है। इसकी सुंदरता ही इसका सबसे खतरनाक हथियार है। ये इतनी शातिर है कि अमेरिका में जब ओबामा राष्ट्रपति थे, तो उनके एक मंत्री को इसने अपने जाल में फंसा लिया और गुप्त सूचनाएं रूस तक पहुंचाती थी। इसे 2010 में अमेरिका में गिरफ्तार भी कर लिया गया था।

कर्नल फैनेट उमुराजा उर्फ ​​नंबर वन क्वीन– कर्नल फैनेट उमुराजा, कांगो की क्रांतिकारी सेना के दूसरे नंबर की नेता हैं। वह एक ऐसे समूह से ताल्लुक रखती है जो खुद को M-23 भी कहता है। कांगो में इसका बहुत खौफ है, निडर-बेखौफ ये महिला बलात्कार, हत्या और बच्चों की जबरन भर्ती जैसे जघन्य अपराध में शामिल है। यही कारण है कि इसे नंबर वन क्वीन कहा जाता है।

एनेडिना अरेलानो फेलिक्स– एनेडिना अरेलानो फेलिक्स 2008 में तिजुआना कार्टेल की बॉस बनाई गई थी। यह ग्रुप ड्रग्स के धंधे में सबसे खतरनाक माना जात है। डीईए ने बाद में अरेलानो को दुनिया की पहली महिला क्राइम लॉर्ड घोषित किया है। अरेलानो ड्रग्स की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, लोगों की तस्करी, हत्या, हथियारों की तस्करी का धंधा करती है। इसका रशियन माफिया के साथ भी संबंध है।

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