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चार साल पहले भागकर ISIS के जिहादी की तीसरी पत्‍नी बनी, अब लौटना चाहती है लड़की

लियोनेरा ने स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि करीब 15 साल की उम्र में वो जर्मनी से सीरिया आईं। यहां दो महीने बाद इस्लाम धर्म अपनाया और इसके बाद उनकी शादी जर्मन जेहादी मार्टिन लेम्के से हुई।

Kashmir,  Srinagar, ISIS, Mirwaiz bastion, jama masjiz, जामा मस्जिद, आईएसआईएस, श्रीनगर, कश्मीर, मुस्लिमतस्वीर का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Express File Photo)

करीब चार साल पहले उसने आतंकवादी संगठन ISIS ज्वायन करने के लिए अपना घर छोड़ा था। जर्मनी की रहने वाली 19 साल की लियोनारा जेहादी बन गई थीं। जर्मनी से निकलने के बाद लियोनेरा ईस्ट सीरिया पहुंचीं जहां अब सुरक्षाबलों का आतंकवादियों के साथ अंतिम मुकाबला चल रहा है। अब लियोनेरा वापस जर्मनी जाना चाहती हैं। सबसे पहले आपको बता दें कि सीरिया के ईस्टर्न इलाके में अभी कुछ ISIS आतंकी बचे हैं और सेना इन आतंकियों के खिलाफ फाइनल लड़ाई लड़ रही है। कई लोग इस इलाके से अब तक पलायन कर चुके हैं। ईस्टर्न सीरिया के बागहौज में लियोनेरा और उनके दो छोटे बच्चे उन सैकड़ों लोगों में शामिल हैं तो इस हफ्ते उस इलाके से अलग हुए।

लियोनेरा ने स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि करीब 15 साल की उम्र में वो जर्मनी से सीरिया आईं। यहां दो महीने बाद इस्लाम धर्म अपनाया और इसके बाद उनकी शादी जर्मन जेहादी मार्टिन लेम्के से हुई। लियोनेरा, मार्टिन लेम्के की तीसरी पत्नी बनीं। लियोनेरा के मुताबिक जब लेम्के अपनी दो पत्नियों के साथ सीरिया आया था तब उस वक्त उन्होंने लेम्के से शादी रचाई थी। लियोनोरा पहले यहां उग्रवादियों के एक ग्रुप के साथ राका में रहती थी लेकिन उस वक्त वो सिर्फ एक हाउस वाइफ थीं।

लियोनेरा ने बताया कि उनके पति लेम्के आईएस के लिए तकनीशियन के तौर पर काम करते थे। लेम्के मुख्य रुप से कम्प्यूटर, मोबाइल इत्यादि बनाता था। बीते गुरुवार को पुलिस ने लेम्के को पकड़ लिया। लेकिन जर्मन मीडिया के मुताबिक 28 साल का लेम्के सीरिया का जिहादी है। हालांकि इससे पहले ही लियोनेरा अपने बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान पर चली गई थीं। लियोनेरा ने बताया कि शुरू में राका में उनकी जिंदगी ठीक थी। लेकिन जब Syrian Democratic Forces यानी एसडीएफ ने अमेरिकन सेना के साथ मिलकर हवाई हमले शुरू किये तब काफी मुश्किलें आ गईं।

राका के जिन इलाकों में आईएसआईएस के लोग रहते थे वहां हवाई हमले होने लगे इसकी वजह से हमें हर हफ्ते घर बदलना पड़ता था। लियोनेरा ने बताया कि आईएस के लड़ाकू उन्हें और उनके परिवार को उनकी हालत पर छोड़ कर भाग गए। वो महिलाओं को छोड़कर भाग गए..यहां खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा। इसके बाद वो किसी तरह एसडीएफ के कब्जे वाले इलाके तक पहुंचीं। लियोनेरा ने कहा कि उन्हें अब पता चला है कि उन्होंने कौन से सबसे बड़ी गलती की है और अब वो फिर से अपने घर जाना चाहती हैं और अपनी पुरानी जिंदगी जीना चाहती हैं।

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