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जब देशभर में पुलिस की वर्दी खाकी तो कोलकाता पुलिस क्यों पहनती है सफेद यूनिफॉर्म, ये है खास वजह

Kolkata Police: देश के किसी भी कोने में जाएंगे तो आपको खाकी वर्दी में पुलिसकर्मी दिख जाएंगे, लेकिन कोलकाता पुलिस की वर्दी सफेद होती है। ऐसे में जानते हैं आखिर इसके पीछे की वजह क्या है..

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कोलकाता पुलिस। (Photo Credit – Kolkata Police/Facebook)

देश भर के राज्यों में कानून व्यवस्था व जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाली पुलिस को हम उनकी वर्दी से ही पहचान लेते हैं। किसी भी पुलिसवाले की पहचान, आन-बान और शान उसकी वर्दी ही होती है। देश भर में पुलिस विभाग के लिए एक यूनिफ़ॉर्म कोड है। जिसमें खाकी वर्दी को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब सभी जगह पुलिस की वर्दी खाकी होती है तो कोलकाता पुलिस की वर्दी सफेद क्यों होती है? ऐसे में जानते हैं आखिर इसके पीछे की वजह क्या है..

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देश के किसी भी कोने में जाएंगे तो आपको खाकी वर्दी में पुलिसकर्मी दिख जाएंगे। वहीं, जब आप पश्चिम बंगाल जाएंगे तो आपको दो तरह की वर्दी में पुलिस दिखेगी। कारण है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के पुलिस वाले जहां खाकी वर्दी पहनते हैं तो वहीं कोलकाता शहर की पुलिस सफेद वर्दी पहनते हैं। हालांकि इस सफेद वर्दी के पीछे का भी वैज्ञानिक कारण है।

देश में ब्रिटिश शासन काल के समय पूरे देश में पुलिस की वर्दी सफेद रंग की ही होती थी, लेकिन वह बहुत जल्दी-जल्दी गंदी हो जाती थी। ब्रिटिश अधिकारियों को जब समस्या का पता चला तो उन्होंने वर्दी का रंग बदलने के प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव के पास होने के बाद पुलिसकर्मी अलग-अलग डाई से वर्दी रंगने लगे। जिसके चलते हर पुलिसकर्मी एक अलग रंग की हो गई।

फिर अंग्रेज अधिकारियों ने वर्दी खाकी रंग में रंगने की बात कही, जो मिट्टी के रंग के समान था। इसके लिए चाय की पत्तियों का इस्तेमाल कर एक डाई बनाई, जिसका रंग खाकी जैसा निकला। दरअसल, खाकी रंग हल्का पीला और भूरा मिश्रण है। ये तो हो गई वर्दी की बात लेकिन जब 1845 में कलकत्ता पुलिस का गठन किया गया तो अंग्रेजो ने इसका रंग सभी की तरह सफेद रखा था।

इसी क्रम में जब साल 1847 में ‘नॉर्थवेस्ट फ्रंटियर’ के गवर्नर के एजेंट सर हेनरी लॉरेंस ने आधिकारिक तौर पर खाकी रंग अपनाया था। फिर सर हैरी बर्नेट लम्सडेन पहली आधिकारिक खाकी वर्दी पुलिस विभाग के लिए लेकर आए तो सवाल खड़ा हुआ कि क्या कोलकाता पुलिस भी खाकी पहनेंगी। क्योंकि कोलकाता पुलिस के अधिकारी खाकी वर्दी में खुद को अच्छा महसूस नहीं करते थे।

इसके पीछे कारण यह था कि पश्चिम बंगाल समुद्र के किनारे बसा था, जिस कारण यहां साल भर गर्मी और नमी बनी रहती है। खाकी का रंग ऐसा था जो सूर्य के प्रकाश को समाहित (Contain) कर लेता था, जिससे पुलिसकर्मियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता था। ऐसे में ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा कि सफेद रंग सूर्य के प्रकाश को रिफ्लेक्ट करेगा, जिससे काम के समय गर्मी भी कम लगेगी। यही कारण है कि कोलकाता पुलिस सफेद वर्दी पहनती है।

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