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होमगार्ड का नाम तो सुना ही होगा, जानिए पुलिस विभाग में इनका काम क्या होता है?

Home guard: होमगार्ड के जवान सभी जिलों में पुलिस के सहायक के रूप तैनात रहते हैं। किसी भी तरह की आपात स्थिति में होमगार्ड एक आपातकालीन बल के रूप में भी काम करता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit – Indian Express/Praveen Khanna)

अक्सर हमने पुलिस विभाग से जुड़े एक पद के बारे सुना है, जिसे होमगार्ड (Home guard) के नाम से जाना जाता है। हालांकि, अधिकतर लोगों को इनके काम के बारे में कम ही जानकारी है। ऐसे में आज आपको बताते हैं कि आखिर होमगार्ड होते कौन हैं और उनका पुलिस विभाग (Police Department) में काम क्या होता है?

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कौन हैं होमगार्ड: किसी भी देश/राज्य में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए सेना (Army) या पुलिस विभाग काम करता है। राज्यों के पुलिस विभागों में एक अलग से पद निर्धारित किया गया है, जो पुलिस की मदद (Help) के लिए काम करता है। इन्हें ही होमगार्ड कहते हैं। होमगार्ड को हिंदी में गृह-रक्षक कहा जाता है, जिनकी भूमिका स्थानीय क्षेत्र में पुलिस कानून व्यवस्था (Law and Order) को बनाए रखने में मदद की होती है। होमगार्ड ग्रामीण और शहरी दो प्रकार के होते हैं।

एक स्वैच्छिक बल: ब्रिटिश शासन के दौरान 6 दिसंबर 1946 में बॉम्बे प्रांत (Bombay Province) में होमगार्ड जैसे पद को लाया गया गया था। देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद साल 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय इसका पुनर्गठन किया गया था। यह एक स्वैछिक बल है, जिसे पुलिस/सेना की मदद (Help) के लिए बनाया गया है। होमगार्ड को आपातकालीन स्थितियों (Emergency Situation) में जनता की सुरक्षा और पुलिस-सेना की सहायता के लिए काम करते हैं। देश में होमगार्ड का दायरा गृह मंत्रालय (Home Ministry) के अंतर्गत आने वाले सभी केंद्र शासित प्रदेशों व राज्यों के लिए निर्धारित है।

होमगार्ड का काम: जैसा कि स्पष्ट है कि होमगार्ड ग्रामीण और शहरी दो प्रकार के होते हैं। यह देश के ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी इलाकों में भी होते हैं। इसके अलावा होमगार्ड की करीब 15 बॉर्डर विंग (Border Wing), सीमावर्ती इलाकों में भी सेना, अर्धसैनिक बलों और कोस्ट गार्ड के साथ मिलकर काम करती है। होमगार्ड, आपातकालीन परिस्थितियों मे मदद के अलावा आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) को भी बनाए रखने में मदद करता है। इसे आपातकालीन बल (Emergency Forces) के नाम भी जाना जाता है।

खाकी वर्दी और देश में इतने होमगार्ड: पुलिस की तरह होमगार्ड की भी वर्दी खाकी (Khaki) होती है। इनकी भी तैनाती पुलिस के सहायक के रूप में जिलावार होती है। देश के अधिकतर प्रदेशों में होमगार्ड (Home guard) का संगठन सक्रिय है, केवल केरल (Kerala) राज्य इन सब में अपवाद है। देशभर में होमगार्ड्स की संख्या 5 लाख 74 हजार 800 के करीब की है। इन सभी को भी बाकायदा प्रशिक्षण देकर भर्ती किया जाता है। होमगार्ड का सामान्य कार्यकाल 60 साल की उम्र तक निर्धारित है।

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