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जब तुर्की की ऐतिहासिक इमारत के सामने कलम कर दिया गया था सऊदी किंग का सिर, पढ़ें पूरा किस्सा

Turkey Hagia Sophia: साल 1818 में तुर्की की ऐतिहासिक इमारत हागिया सोफिया के ठीक सामने सऊदी अरब के किंग अब्दुल्लाह बिन सऊद का सिर कलम किया गया था। इसके पीछे ऑटोमन साम्राज्य के सैनिक थे।

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तुर्की की ऐतिहासिक इमारत हागिया सोफिया। (Photo Credit – AP)

दुनिया के मिडिल ईस्ट के इलाके में कई देश सालों तक एक दूसरे के जानी दुश्मन बने रहे। सबके अपने-अपने कारण थे, किसी को अपनी सीमाओं की सुरक्षा की चिंता थी तो कोई खुद को सामरिक तौर पर मजबूत करने की इच्छा रखता था। इसी क्रम में सऊदी अरब और तुर्की का भी नाम शामिल रहा, क्योंकि तुर्की ने सऊदी को ऐसा घाव दिया था, जो आज भी उनके जहन में जिंदा है।

अगर हम सऊदी अरब और तुर्की के बीच पैदा हुई कड़वाहट की बात करें तो इसके लिए हमें इतिहास के पन्नों को फिर से पलटना होगा। आपको याद होगा कि साल 2020 में तुर्की के राष्ट्रपति इर्दोन ने इस्तांबुल स्थित हागिया सोफिया को मस्जिद करार दिया था। तुर्की के इतिहास के हिसाब से इस मस्जिद का बड़ा महत्त्व है। इस हागिया सोफिया को तुर्की की ऐतिहासिक इमारत के रूप में जाना जाता है।

इसी ऐतिहासिक इमारत हागिया सोफिया से सऊदी अरब की बेहद कड़वी यादें जुड़ी हैं। यह ऐसी यादें हैं जो न इतिहास से मिटाई जा सकती हैं और न ही दिलों से भुलाई जा सकती हैं। दरअसल, इसी हागिया सोफिया के ठीक सामने साल 1818 में सऊदी अरब के किंग अब्दुल्लाह बिन सऊद का सिर कलम किया गया था। इस पूरी कार्रवाई के पीछे ऑटोमन साम्राज्य के सैनिक थे।

इस घटनाक्रम से पहले ऑटोमन साम्राज्य के सैनिकों ने सऊदी स्टेट की राजधानी दिरिया और रियाद के बाहरी इलाकों पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था। बता दें कि, ऑटोमन ने सऊदी स्टेट को पहली बार 1818 में तबाह किया और 1871 में दूसरी बार नुकसान पहुंचाया था। ऑटोमन साम्राज्‍य ने तीसरी बार भी सऊदी स्टेट पर हमला किया था, लेकिन पहले विश्व युद्ध में उसे ब्रिटेन का साथ मिलने के कारण ऑटोमन सफल नहीं हो पाए थे।

खैर, जब ऑटोमन साम्राज्य के सैनिकों ने 1818 में सऊदी स्टेट पर हमला किया था तो उस दौरान सऊदी अरब के किंग को बंधक बना लिया गया था। उस्मानिया सल्तनत यानी ऑटोमन साम्राज्य के सैनिक सऊदी अरब के किंग शाह अब्दुल्लाह बिन सऊद और वहाबी इमाम को जंजीर में बांधकर इस्तांबुल लाए थे। इसके बाद हागिया सोफिया के बाहर अब्दुल्लाह का सिर कलम कर दिया गया था।

इस घटना के बाद हागिया सोफिया के बाहर भीड़ ने जमकर जश्न मनाया था। यहीं नहीं सऊदी अरब के किंग के कटे सिर को करीब तीन दिनों तक आम लोगों को देखने के लिए रख दिया गया था। तुर्की ने सऊदी अरब को यही कभी न भूलने वाला दर्द दिया था। बाद में, साल 1924 में ऑटोमन साम्राज्‍य ने आधुनिक तुर्की की शक्ल ले ली थी और तुर्की आज भी ऑटोमन पर फक्र अदा करता है।

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