एंबुलेंस ड्राइवर को पार्किंग में थूकते देख इतने नाराज हुए कलेक्टर कि हाथ से ही करवाया साफ

डिंडौरी जिले के कलेक्टर रत्नाकर झा का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में कलेक्टर एक ड्राइवर से थूक साफ करवाते दिख रहे हैं। ड्राइवर ने ही अस्पताल की पार्किंग में थूका था, जिसे कलेक्टर साहब ने देख लिया और फिर उसी से थूक को साफ करवाया।

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युवक से थूक साफ करवाते कलेक्टर (फोटो- वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट)

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कलेक्टर एक एंबुलेंस ड्राइवर पर इतने नाराज हो गए कि उन्होंने ऑन स्पॉट ही फैसला सुना दिया। इस घटना का वीडियो जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में डिंडौरी के कलेक्टर रत्नाकर झा एक युवक से गंदगी साफ कराते दिख रहे हैं। दरअसल पार्किंग में एक युवक को कलेक्टर साहब ने थूकते देख लिया था। जिसके बाद पहले तो उन्होंने युवक को जमकर डांटा फिर उसी से वो गंदगी भी साफ करवाई। युवक एंबुलेंस ड्राइवर था।

कलेक्टर रत्नाकर झा सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। अभी वो जायजा ले ही रहे थे कि एक युवक पार्किंग एरिया में गुटखा थूकते नजर आ गया। युवक को थूकते देख रत्नाकर झा नाराज हो गए और युवक को पहले तो जमकर सुनाया फिर ड्राइवर को थूक साफ करने के लिए कहा। जिसके बाद ड्राइवर ने रूमाल से थूक साफ करना चाहा, लेकिन रत्नाकर झा ने उसे उसके हाथ से ही थूक को साफ करवाया। इस घटना का वीडियो यहां खड़े किसी व्यक्ति ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद ये वीडियो वायरल हो गया।

बताया जाता है कि कलेक्टर साहब ने वहां पर ड्राइवर को उठक-बैठक भी लगाने के लिए कहा। वीडियो के वायरल होने के बाद अभी तक किसी भी पक्ष से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। युवक मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के सरहरी गांव का रहने वाला है और अपने रिश्तेदारों के साथ अस्पताल आया था।

फ्री प्रेस जनरल के अनुसार रत्नाकर झा से की तरफ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है, लेकिन एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह एक लोक सेवक द्वारा अमानवीय व्यवहार था। उन्होंने कहा- “यह सच है कि सार्वजनिक स्थान पर थूकने की अनुमति नहीं है। लेकिन ऐसे कृत्यों के लिए किसी व्यक्ति के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली सजा नहीं दी जा सकती है। यह केवल एक लोक सेवक द्वारा किया गया अमानवीय व्यवहार है।

आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब रत्नाकर झा ने जिला कलेक्टर के रूप में गैर जिम्मेदाराना व्यवहार दिखाया है। एक दिन पहले, उन्होंने एक आदेश जारी किया था कि जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें बसों में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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