असमः गांव खाली कराने पहुंची पुलिस ने की फायरिंग, दो की मौत; गांव वालों ने भी बरसाए पत्थर, 11 घायल

इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “असम राज्य प्रायोजित आग में जल रहा है। मैं राज्य में अपने भाइयों और बहनों के साथ खड़ा हूं – भारत का कोई भी बच्चा इसके लायक नहीं है।”

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दरांग के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब धारदार हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। (Twitter/himantabiswa)

असम में आम नागरिकों और पुलिस के बीच गुरुवार को हुई हिंसक झड़प के दौरान गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। विशेष डीजीपी जीपी सिंह ने द इंडियन एक्सप्रेस से नागरिकों की मौत की पुष्टि की और कहा कि नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए। “एक पुलिसकर्मी गंभीर है।”

दरांग जिले के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बेदखल किए गए 800 परिवार पुनर्वास की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान अचानक वे हिंसक हो गए और पत्थर फेंकने लगे। उनको रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने गोली चलाई तो इसमें दो लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “असम राज्य प्रायोजित आग में जल रहा है। मैं राज्य में अपने भाइयों और बहनों के साथ खड़ा हूं – भारत का कोई भी बच्चा इसके लायक नहीं है।”

विरोध-प्रदर्शन कर रहे परिवारों की मांग थी कि उनकी बेदखली को तुरंत रोका जाए और उन्हें एक व्यापक पुनर्वास पैकेज प्रदान दिया जाए। इसको लेकर वे लोग सिपाझार में आंदोलन कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब धारदार हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और आम लोगों पर हमला कर दिया। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें दो नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं और इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक एक सहायक उप निरीक्षक मोनिरुद्दीन की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। सरमा ने कहा कि दोनों मृतकों की पहचान सद्दाम हुसैन और शेख फरीद के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया और भीड़ तितर-बितर हो गई। पुलिस से झड़प के बाद इलाके में तनाव के बावजूद धौलपुर प्रथम और धौलपुर तृतीय गांवों में बेदखली का कार्य जारी है।

पिछले सोमवार को 800 परिवारों को बेदखल किए जाने के बाद यह अभियान फिर शुरू हुआ। सिपाझार के धौलपुर 1 और धौलपुर 3 गांवों में लगभग 4,500 बीघा भूमि पर कब्जा किया गया है। विपक्ष ने सरकार पर “उचित पुनर्वास योजना” लागू किए बिना बेदखली करने का आरोप लगाया है।

सोमवार के अभियान की तरह गुरुवार को बंगाली भाषी मुसलमान बहुल इलाके में बेदखली का विरोध कर रहे हजारों स्थानीय लोगों की पुलिस से झड़प हो गई। सोशल मीडिया पर सामने आए और एआईयूडीएफ विधायक द्वारा साझा किए गए वीडियो में से एक में एक व्यक्ति पुलिस की ओर दौड़ते हुए दिख रहा है। उस पर पुलिस ने गोली चलाई तो वह जमीन पर गिरा और पुलिसकर्मी उस पर लगातार लाठियां बरसाते रहे। वीडियो में कैमरा पकड़े हुए एक नागरिक बार-बार उसके शरीर पर कूदता दिख रहा। पुलिस ने उसे रोका तब वह हटा।

कुछ रिपोर्टों में हमलावर की पहचान दरांग जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त एक आधिकारिक फोटोग्राफर के रूप में की गई है। इसकी पुष्टि के लिए दरांग की डीसी प्रभाती थाओसेन को बार-बार कॉल करने का कोई जवाब नहीं मिला। एसपी सरमा ने कहा: “किसने किया … वह प्रक्रिया में है। मैंने खुद वीडियो नहीं देखा है।”

विशेष डीजीपी सिंह ने कहा कि वह व्यक्ति की पहचान की पुष्टि नहीं कर सकते हैं। “यह सब सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है और जब तक मुझे पुलिस से यह नहीं मिलता, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। मैं केवल इतना ही कह सकता हूं कि वीडियो देखने के बाद हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे, चाहे वह कोई भी हो। इसके बारे में कोई सवाल नहीं है,” सिंह ने कहा, “जहां भी एसओपी और प्रोटोकॉल का उल्लंघन होगा”, पुलिस कार्रवाई करेगी।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में कहा कि बेदखली पर कोई रोक नहीं लगेगी। वह जारी रहेगी। “पुलिस को अवैध अतिक्रमणकारियों से जमीन को मुक्त कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे काम पूरा होने तक काम करते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि अंधेरा होने पर निष्कासन बंद हो जाएगा और शुक्रवार को फिर से शुरू होगा। अधिकारियों ने कहा कि दारांग जिला प्रशासन ने सोमवार से अब तक 602.04 हेक्टेयर जमीन खाली करा ली है और 800 परिवारों को बेदखल कर दिया है और सिपाझार में चार “अवैध रूप से” निर्मित धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने 7 जून को क्षेत्र का दौरा किया था और धौलपुर शिव मंदिर के पास कथित रूप से ‘अवैध लोगों’ के कब्जा किए नदी क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन को सामुदायिक खेती के लिए क्षेत्र को खाली करने का निर्देश दिया था।

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