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VIDEO: कैब से जा रही थीं मिस इंडिया यूनिवर्स, बाइक सवार लड़कों ने टक्कर मार की बदसलूकी; ड्राइवर को भी पीटा

मॉडल ने इस बाबत नजदीक में पुलिस वाले से मदद भी मांगी, पर सीमा विवाद का हवाला देते हुए उसने सहायता से इन्कार कर दिया।

Author नई दिल्ली | June 18, 2019 9:23 PM
उशोषी सेनगुप्ता ने सोमवार रात पांच सितारा होटल से घर लौटने के लिए उबेर कैब ली थी, तभी रास्ते में यह घटना हुई थी। (फोटोः फेसबुक/ushoshi.sengupta)

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मिस इंडिया यूनिवर्स (2010) और मॉडल-एक्ट्रेस उशोषी सेनगुप्ता के साथ सोमवार (17 जून, 2019) रात बीच सड़क पर बदसलूकी की गई। वह उस दौरान एक सहकर्मी के साथ कैब से घर लौट रही थीं, तभी बगैर हेलमेट के कुछ बाइक सवार लड़कों ने उनकी कैब को टक्कर मार दी थी। घटना के बाद वे अपनी गलती होने पर भी ड्राइवर पर चिल्लाने लगे और उसे गाड़ी से बाहर निकालकर पीटने लगे।

मॉडल ने इस बाबत नजदीक में पुलिस वाले से मदद भी मांगी, पर सीमा विवाद का हवाला देते हुए उसने सहायता से इन्कार कर दिया। ऐसे में सेनगुप्ता ने पूरे मामले से जुड़ी आपबीती मंगलवार (18 जून) को फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने इसके साथ ही उन लड़कों द्वारा क्षतिग्रस्त कार का फोटो और जबरन कैब का दरवाजा खोलने के दौरान का वीडियो भी पोस्ट किया था।

एफबी पोस्ट में उन्होंने न सिर्फ घटना के बारे में बताया, बल्कि कुछ अपनी राय भी रखी। तंज कसते हुए कहा, “अगर आपके साथ मारपीट, बदसलूकी, छेड़खानी या फिर मर्डर की घटना हो, तब पुलिस के पास जाने से पहले उनके सीमा क्षेत्र के बारे में जान लें, क्योंकि घटनास्थल पुलिस थाने की सीमा से 100 मीटर भी बाहर हुआ, तो वे मदद नहीं करेंगे।”

लड़के के हेलमेट न लगाने को लेकर उन्होंने लिखा, “आखिर 15 बाइक सवार लड़के बगैर हेलमेट के कैसे आसानी से कैब ड्राइवर को सरेराह पीट सकते हैं और गाड़ी को नुकसान पहुंचा सकते हैं? मुझे लगता है कि उन्होंने ड्राइवर को भीड़ के सामने धमका कर पैसे ऐंठने के लिए ऐसा किया।” देखें उनका FB पोस्टः

सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके इस पोस्ट को न केवल लाइक और शेयर किया, बल्कि इस पर प्रतिक्रियाएं भी दीं। लोग बोले कि आपने अपनी तरफ से बिल्कुल सही किया, जबकि कुछ यूजर्स ने सरेराह हुई इस घटना की निंदा करते हुए इस पर बेहद हैरानी जताई। सोशल मीडिया पर उनका पोस्ट और उससे जुड़ी खबरें वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में भी आया। कोलकाता पुलिस के टि्वटर अकाउंट से लिखा गया, “हमने इस घटना को गंभीरता से लिया है, जबकि फिलहाल सात लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। कमिश्नर के आदेश पर एफआईआर न दर्ज किए जाने को लेकर वरिष्ठ स्तर पर जांच शुरू की गई है।”

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