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‘तुम तो फ्रॉड प्रधान हो’, बिजली चोरी पकड़ प्रधान पर बरसे थे IAS, दीपक रावत के कई किस्से हैं मशहूर

यूपीएससी में 2 बार चयन नहीं हो पाने पर भी दीपक रावत ने हार नहीं मानी। साल 2007 में उन्होंने यह परीक्षा पास कर ली। दीपक रावत उत्तराखंड कैडर के आईएएस ऑफिसर बने।

IAS दीपक रावत, फोटो सोर्स- फेसबुक, @Deepak Rawat

IAS दीपक रावत अपनी खास कार्यशैली के लिए काफी चर्चित रहे हैं। एक दिलचस्प बात यह है कि उनके प्रशंसकों ने दीपक रावत फैंस क्लब के नाम से फेसबुक पेज भी बनाया है। आईएएस दीपक रावत मूल रूप से उत्तराखंड के मसूरी के रहने वाले हैं। 24 सितंबर 1977 के जन्में दीपक रावत के बारे में कहा जाता है कि वो एक Scrap Dealer बनना चाहते थे।

मसूरी के बारलोगंज से दीपक रावत ने अपनी स्कूलिंग की। दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलज से उन्होंने इतिहास विषय में ग्रेजुएशन किया। उन्होंने जेएनयू से MPhil किया है। बताया जाता है कि पढ़ाई के दिनों में दीपक रावत की मुलाकात बिहार के उन छात्रों से हुई थी जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। इन्हीं छात्रों से मिलने के बाद उन्होंने भी यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया।

यूपीएससी में 2 बार चयन नहीं हो पाने पर भी दीपक रावत ने हार नहीं मानी। साल 2007 में उन्होंने यह परीक्षा पास कर ली। दीपक रावत उत्तराखंड कैडर के आईएएस ऑफिसर बने। दीपक रावत को औचक निरीक्षण के लिए जाना जाता है। औचक निरीक्षण के दौरान वो गलतियां पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई करते हैं और यही वजह है कि वो जनता के बीच काफी मशहूर हैं।

साल 2018 में दीपक रावत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। दरअसल हरिद्वार के डीएम के तौर पर अपनी सेवा दे रहे दीपक रावत जब एक गांव में औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो वो बिजली की चोरी देख हैरान रह गए थे। दीपक रावत जब हरिद्वार के संबंधित गांव में पहुंचे तो उन्हें देखते ही एक व्यक्ति बिजली चोरी के लिए लगाया तार, खंभे से उतारने लगा।

यह देख डीएम की शंका गहराई तो वह पैदल ही पूरा गांव नापने लगे। जैसे ही वो गांव के अंदर घुसे बड़े पैमाने पर बिजली चोरी देखकर दंग रह गए थे। उन्होंने देखा थाकि गांव में लगभग हर घर में बिजली चोरी हो रही थी। सभी लोग बिना कनेक्शन के ही बिजली का उपभोग कर रहे थे। चौंकाने वाली बात यह भी थी कि बगैर कनेक्शन के कई घरों के बाहर मीटर भी लगे मिले थे।

वीडियो में सुनाई दे रहा था कि डीएम दीपक रावत ग्राम प्रधान को फटकार लगाते हुए कह रहे थे कि ‘तुम तो फ्राड प्रधान हो, कह रहे थे कि गांव में बिजली चोरी नहीं हो रही है, जबकि पूरे गांव में इतने बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है।’ इसके बाद डीएम लाइनमैन को बुलाने की बात करते भी सुनाई दिये थे। बिजली चोरी को लेकर उन्होंने गांव के लोगों को भी चेताया था। बता दें कि हरिद्वार से पहले दीपक रावत नैनीताल के डीएम रह चुके हैं। वो कुमायूं मंडल विकास निगम के एमडी भी रह चुके हैं। दीपक रावत को खेल और संगीत में भी रुचि है।

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