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यूपी में पत्रकारों पर जारी है प्रहार! सिर्फ रतन सिंह, विक्रम जोशी ही नहीं पिछले 2 सालों में कई पत्रकारों की हुई हत्या

19 जून को उन्नाव में स्थानीय पत्रकार शुभममणि त्रिपाठी की हत्या कर दी गई थी। शुभममणि त्रिपाठी को उन्नाव-शुक्लागंज रोड पर दिनदहाड़े गोली मारी गई थी।

journalist, uttar pradesh, crimeयूपी में पिछले कुछ सालों में कई पत्रकारों को मौत की नींद सुला दिया गया।

उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर प्रहार जारी है। सोमवार (24-08-2020) की रात पत्रकार रतन सिंह की बलिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई है और जांच की बात लगातार कह रही है। आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब उत्तर प्रदेश में किसी पत्रकार की हत्या की गई है। पिछले 3 सालों में राज्य में कई प्रत्रकारों की हत्या हुई औऱ कइयों ने खुद को प्रताड़ित किये जाने का आरोप लगाया।

पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या: इसी साल पिछले ही महीने यानी जुलाई में दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी को उनकी भतीजी के सामने गोली मार दी गई थी। विक्रम जोशी ने अपनी भतीजी के साथ छेड़खानी करने वाले कुछ लोगों का विरोध किया था जिसके बाद उन्हें सरेआम गोली मार दी गई। विक्रम जोशी को सड़क पर सरेआम गोली मारने का एक वीडियो भी सामने आया था। 2 दिन तक अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ने के बाद विक्रम जोशी की मौत हो गई थी। मामले में हंगामा होने पर पुलिस ने इस मामले के कई आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया था।

दिनदहाड़े शुभममणि त्रिपाठी की हत्या: 19 जून को उन्नाव में स्थानीय पत्रकार शुभममणि त्रिपाठी की हत्या कर दी गई थी। शुभममणि त्रिपाठी को उन्नाव-शुक्लागंज रोड पर दिनदहाड़े गोली मारी गई थी। बाद में इस मामले में भी पुलिस ने कई आऱोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

राजेश तोमर को चाकू से गोदा: 20 जून 2019 को शाहजहांपुर के स्थानीय पत्रकार राजेश तोमर को चाकू से गोद दिया गया था। राजेश तोमर और उनके भाई पर अवैध वसूली का विरोध कर पर हमला किया गया था। दोनों को चाकू मारा गया और फिर सरिया से पीटा भी गया था। राजेश तोमर ने अवैध वसूली का विरोध किया था औऱ इस पूरे प्रकरण को उन्होंने व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर किया था। जिसके बाद कुछ दबंगों ने पत्रकार पर हमला किया था। इस हमले में उनके भाई और बेटे घायल हो गए थे। राजेश तोमर को भी गंभीर चोटें आई थीं।

कुशीनगर में पत्रकार का गला रेता: अक्टूबर 2019 में कुशीनगर जिले के स्थानीय पत्रकार राधेश्याम शर्मा की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। राधेश्याम एक हिंदी दैनिक में पत्रकार थे और साथ ही एक निजी स्कूल में शिक्षक भी थे।

सहारनपुर में पत्रकार को मारी गोली: अगस्त 2019 में यूपी के ही सहारनपुर में एक पत्रकार और उसके भाई को कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

बीते कुछ सालों में यूपी में जहां एक और कई पत्रकारों की हत्या की गई तो कई अन्य दूसरे पत्रकारों ने प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया है। एक वेबसाइट में काम करने वाली पत्रकार सुप्रिया शर्मा के खिलाफ वाराणसी के रामनगर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया था। सुप्रिया ने उस वक्त बताया था कि दलित महिला और गरीबों की स्टोरी करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ भी यूपी पुलिस ने केस दर्ज किया था। सिद्धार्थ पर यूपी के सीएम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आऱोप लगा था। 2 सितंबर 2019 को मिर्जापुर के प्राइमरी स्कूल के बच्चों को नमक के साथ रोटी खिलाने का मामला सामने आया था. इस मामले का खुलासा करने वाले स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली थी जिसके बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी. पवन पर गलत साक्ष्य बनाकर वीडियो वायरल करने और छवि खराब करने के आरोप लगे थे.

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