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अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मरीज का किया था इलाज, प्रशासन औऱ चिकित्सा दोनों का मर्ज है इस IAS के पास

यह आईएएस अफसर अपनी छुट्टियों के दौरान अक्सर गरीब बीमार लोगों का इलाज करती हैं।

IAS आकांक्षा भास्कर। फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

यूपीएससी की परीक्षा पास करने और पश्चिम बंगाल कैडर ज्वायन करने से पहले उन्होंने कोलकाता के RG Kar Medical College and Hospital से MBBS की डिग्री हासिल की थी। पुरुलिया में जब वो एसडीओ के पद पर तैनात थीं तो उनकी सेवा भावना लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गया। आज हम बात कर रहे हैं बेमिसाल अफसर कही जाने वाली आकांक्षा भास्कर की।

वाराणसी की डॉक्टर आकांक्षा भास्कर ने आईएएस की परीक्षा में 76वां रैंक हासिल कर माता-पिता के साथ-साथ वाराणसी का मान भी बढ़ाया था। जब आईएएस में उनका चयन हुआ था तब वो दिल्ली में थीं और उनके घऱ पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लग गया था। खास बात यह है कि आकांक्षा के माता-पिता का सपना था कि वो एक चिकित्सक बनें। आकांक्षा अपने माता-पिता के सपने से दो कदम आगे निकलीं। डॉक्टर बनने के बाद वो साल 2015 में आईएएस अफसर भी बनीं।

डॉ. आकांक्षा भास्कर ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में मेन सब्जेक्ट मेडिकल लिया था। एक साक्षात्कार में उनके पिता डॉ. भानू शंकर पांडेय ने कहा था कि ‘बिटिया ने 24 साल की उम्र में अप्रैल 2014 में कोलकाता के आरजीकार मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर अपने बचपन के सपने से पहले मेरे सपनों को पंख लगाए थे।’ एक दिन वो अस्पताल में औचक निरीक्षण करने पहुंची थीं और वहां एक मरीज को परेशान देख उन्होंने मरीज का इलाज शुरू कर दिया था।

उनकी इस सेवा भाव ने लोगों का दिल जीत लिया था। कहा जाता है कि आकांक्षा भास्कर उन शख्सियतों में से हैं जिनके पास प्रशासनिक और चिकित्सा दोनों का मर्ज है। यह आईएएस अफसर अपनी छुट्टियों के दौरान अक्सर गरीब बीमार लोगों का इलाज करती हैं। जून 2018 में उन्हें रघुनाथपुर का चार्ज मिला था।

आईएएस डॉक्टर आकांक्षा भास्कर के बारे में आपको बता दें कि उनकी मां Vidya Prasad hospital की निदेशक हैं तथा छोटी बहन भी केजीएमयू में हैं। मरुआडीह में Santuri block hospital के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया था कि किसी कारणवश अस्पताल के करीब 40 चिकित्सक नहीं आ पाए थे। अस्पताल में कई मरीज इलाज का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मरीजों की शिकायत उस वक्त सुनी थी और उनका इलाज भी किया था।

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