ताज़ा खबर
 

UP Home Guard Duty Scam: फर्जी हाजिरी लगा विभाग को बैठाई करोड़ो की चपत, 5 पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

UP Home Guard Duty Scam: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच कर रही अपराध शाखा ने वर्तमान संभागीय कमांडेंट एचजी राम नारायण चौरसिया, असिस्टेंट कंपनी कमांडर सतीश, प्लाटून कमांडर मोंटू तथा सतवीर और शैलेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।

Author नोएडा | Updated: November 20, 2019 4:06 PM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

UP Home Guard Duty Scam: गौतमबुद्ध नगर जिले में होमगार्डों की ड्यूटी लगाने के मामले में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के संबंध में नोएडा पुलिस की अपराध शाखा ने होमगार्ड विभाग के पांच अधिकारियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गौतमबुद्ध नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि ऐसा पता चला था कि ड्यूटी से नदारद रहने वाले होमगार्डों की फर्जी तरीके से हाजिरी लगाकर होमगार्ड विभाग के अधिकारियों ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है।

जांच के लिए कमेटी बनाई गई: पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में उनके स्तर से एक जांच कराई गई थी। जांच की रिपोर्ट दो माह पूर्व शासन को भेजी गई थी। शासन ने भी इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में 13 नवंबर को थाना सूरजपुर में होमगार्ड विभाग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच पुलिस कर रही थी।

Hindi News Today, 20 November 2019 LIVE Updates: बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 होमगार्ड कार्यलय में लगी थी आग: इसी बीच, 18 नवंबर की रात को जिला कलेक्टर स्थित जिला होमगार्ड कमांडेंट के कार्यालय में आग लग गई जिससे उक्त घोटाले से संबंधित दस्तावेज नष्ट हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच कर रही अपराध शाखा ने वर्तमान संभागीय कमांडेंट एचजी राम नारायण चौरसिया, असिस्टेंट कंपनी कमांडर सतीश, प्लाटून कमांडर मोंटू तथा सतवीर और शैलेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।

जिला कमांडेट  बैंक से होमगार्डों का वेतन ले लेता था: उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला है कि ये लोग ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले होमगार्डों के मस्टररोल में हेरफेर कर उनका पूरा वेतन बैंक से निकाल लेते थे। वैभव कृष्ण ने बताया कि जांच के दौरान यह बात संज्ञान में आई है कि थानों के जीडी के हिसाब से जितने दिन होमगार्डों की तैनाती होती थी, उतने दिन की हाजिरी थाना प्रभारी द्वारा मस्टररोल में प्रमाणित करके दी जाती थी। उसके बाद ये लोग वास्तविक मस्टररोल को फाड़ देते थे, तथा थाना प्रभारियों की फर्जी मोहर और हस्ताक्षर के माध्यम से फर्जी मस्टररोल बनाते थे। उसके आधार पर जिला कमांडेंट बैंक से होमगार्डों का वेतन ले लेता था।

वेतन में हेरफेर: उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि फर्जी तरीके से निकाले गए होमगार्डों के वेतन का एक बड़ा हिस्सा अधिकारी रख लेते थे, तथा कुछ हिस्सा उन होमगार्डों को भी दिया जाता था, जिनकी फर्जी उपस्थिति दिखाकर पैसा निकाले जाते था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 ‘बड़ा होकर महिलाओं का शोषण करेंगे’, रेप पीड़िता मां ने यह सोच अपने 3 बच्चों को मार डाला
2 4 साल की बच्ची से रेप, आरोपी बोला- 200 रुपए लो पुलिस में मत करना FIR, नहीं मानें पैरेंट्स तो पीड़िता के घर में लगा दी आग
3 भारत में कत्लों के पीछे तीसरा सबसे बड़ा कारण इश्क! 7 साल में अफेयर के चलते हुए साढ़े 44 हजार मर्डर
जस्‍ट नाउ
X