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हाथरस केस: योगी सरकार का आदेश- पीड़िता के परिजनों और पुलिस अधिकारियों का होगा नारको टेस्ट, SP, DSP हो चुके हैं सस्पेंड

इस मामले में योगी सरकार ने शुक्रवार को हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर समेत तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

CRIME, CRIME NEWSइस मामले की जांच में शामिल अधिकारियों का भी नार्को टेस्ट किया जाएगा। फोटो सोर्स – Express photo: Amil Bhatnagar)

उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड को लेकर बढ़ते बवाल के बीच राज्य की योगी सरकार ने इस मामले में नारको टेस्ट कराने का आदेश जारी किया है। योगी सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि पीड़ित परिजनों के अलावा इस मामले की जांच में जुटे अधिकारियों का भी नारको टेस्ट किया जाएगा। इस मामले में योगी सरकार ने शुक्रवार को हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर समेत तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

सरकार की तरफ से बताया गया है कि अब इस मामले में नारको पोलिग्राफी टेस्ट आऱोपी, पीड़ित के परिवार और जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का किया जाएगा। अभी हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस से 12 अकटूबर को अदालत में हाजिर होने के लिए कहा है। अदालत के इस आदेश के एक दिन बाद ही राज्य सरकार की तऱफ से नारको टेस्ट कराने का फैसला लिया गया है।

शुक्रवार की देर शाम सरकार की तरफ से जारी किए एक प्रेस नोट के माध्यम से इस बात की जानकारी दी गई है। ऐसा पहली बार होगा कि किसी मामले की जांच करने वाली पुलिस टीम का भी पॉलीग्राफ और नारको टेस्ट कराया जाएगा। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में अधिकारियों की कार्रवाई को लेकर खासे नाराज थे। कहा जा रहा है कि इसी वजह से एसआईटी की पहली रिपोर्ट मिलते ही सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है.

इस मामले की एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी के अलावा शीर्ष स्तर पर यह आदेश हुआ है कि जांच को साइंटिफिक तौर पर भी कराया जाए। यानी जो चश्मदीद हैं, उनके बयानों के अलावा नारको या पॉलीग्राफ टेस्ट कराकर बयानों की सच्चाई परखा जाना जरूरी है। एसआईटी ने यह रिकमेंडेशन सरकार से की है। इसी के आधार पर घटना से जुड़े सभी लोगों का नारको टेस्ट व पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जाएगा।

सरकार की तरफ से बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक को काम में लापरवाही बरतने और इस केस की अच्छी तरह से सुपरविजन ना करने की वजह से सस्पेंड किया गया है।

एसपी के अलावा इस मामले में सर्किल ऑफिसर राम शब्द, एसएचओ दिनेश कुमार वर्मा, सीनियर सब-इंस्पेक्टर जगवीर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल महेश लाल को सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में योगी आदित्यनाथ से रिपोर्ट मांगी थी जिसके बाद इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई थी।

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