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योगी ‘राज’ में हुआ COVID-19 Kit घोटाला- प्रियंका का आरोप, AAP भी बोली- सब DM पैसे लपेटने में लगे, लूट जारी; पर CM सो रहे हैं

इस घोटाले के उजागर होने के बाद अब तक दो अफसर सस्पेंड किए गए हैं और सरकार ने इसपर SIT की जांच बिठा दी है।

UTTAR PRADESH, COVID 19योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की है। फाइल फोटो। फोटो सोर्स – (Express Photo by Gajendra Yadav)

कोरोना महामारी से त्रस्त उत्तर प्रदेश में अब कोविड-19 किट घोटाले की खबर उजागर होने के बाद राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार की किरकिरी हो रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर राज्य की योगी सरकार को घेरा है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘यूपी के लगभग सभी जिलों में कोरोना किट घोटाला हुआ है। कोरोना आपदा के समय जब लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर खतरा है उस समय प्रदेश सरकार के अफसरों ने करोड़ों का वारा-न्यारा कर दिया। सवाल ये है कि क्या प्रदेश सरकार की रुचि हर बार घोटालेबाजों को बचाने की ही होती है।’ उन्होंने अपने ट्वीट में एक ग्राफिक्स शेयर किया है जिसमें बताया गया है कि 2800 रुपए का पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर 12 हजार में खरीदा गया है।

कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी के नेता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ‘हमारे पास सबूत है कि मुख्यमंत्री योगी जी को इस भ्रष्टाचार के बारे में बार-बार अवगत कराया गया था। इसके बावजूद भी महंगे दामों में भुगतान किया गया। जब मुख्यमंत्री ही भ्रष्ट हो तो उसकी बनाई SIT कैसे निष्पक्ष हो सकती है? हम मांग करते है कि इसकी निष्पक्ष जांच हो।’

दरअसल इस संक्रमण के घर-घर सर्वे के लिए सरकार ने राज्य के करीब-करीब सभी जिलों में दो पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर खरीदने के आदेश दिए थे। आरोप है कि उसे कई ज़िलों में तय कीमत से पांच-पांच गुना ज्यादा दाम पर खरीद लिया गया।

इस घोटाले के उजागर होने के बाद अब तक दो अफसर सस्पेंड किए गए हैं और सरकार ने इसपर SIT की जांच बिठा दी है। मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में यह एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी पूरे प्रकरण की जांच कर 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आईएएस रेणुका कुमार को एसआईटी का हेड बनाया गया है।

इससे पहले सुल्तानपुर से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस संबंध में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों में शासनादेश है कि 2800 रुपये में किट खरीदी जाए लेकिन इसके स्थान पर डीएम ने 9950 रुपये में यह किट खरीदने के गांव की पंचायतों पर दबाव बनाया। किट आपूर्ति करने वाली फर्म को डोंगल लगवाकर भुगतान भी करा दिया गया।

सुल्तानपुर के लंभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने यहां की डीएम सी इंदुमति पर घोटाले का संगीन आरोप लगाते हुए कहा था कि कई जिलों में यह घोटाला हुआ है। हालांकि डीएम अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करती आई हैं।

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