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जिहादी स्‍टाइल अपना अमेरिकी एजेंट्स ने लश्‍कर में लगाई सेंध, सामने आईं चौंकाने वाली जानकारियां

इस नाबालिग ने विलफ्रेडो से कहा कि लश्कर-ए-तैय्यबा पाकिस्तान की तरफ से फंडिंग किया जाने वाला एक बेहतरीन ग्रुप है जो कश्मीर, अफगानिस्तान और भारत में काम करता है।

लश्कर-ए-तैय्यबा का संस्थापक हाफिज सईद। फाइल फोटो फोटो सोर्स – Indian Express

अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूर ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई ने पाकिस्तान आधारित खूंखार आंतकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के ग्रुप में जिहादी अंदाज में सेंध लगाया है। दरअसल लश्कर-ए-तैय्यबा के कुछ आतंकी अमेरिका में सोशल मीडिया के जरिए संगठन में लोगों की भर्ती में लगे हुए थे। एफबीआई ने ना सिर्फ इस भर्ती के खेल का भंडाफोड़ कर दिया बल्कि दो लोगों को भी बड़ी चालाकी से धर दबोचा। वैसे तो इन दोनों की गिरफ्तारी फरवरी के महीने में ही की गई थी और दोनों पर आतंकवाद से संबंधित धाराओं में मुकदमा भी चलाया जा रहा है। लेकिन इस मुकदमे के दौरान जो कागजात अब सामने आए हैं उससे इस बात का खुलासा हुआ है कि एफबीआई ने किस तरह जिहादी अंदाज में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें एक नाबालिग माइकल काइले स्वेल है और दूसरे शख्स का नाम विलफ्रेडो एनकारनेसियन है। माइकल काइले स्वेल सोशल मीडिया पर जिहादियों की भर्ती में लगा था तो विलफ्रेडो इस संगठन में शामिल होने और खून-खराब मचाने के लिए बेकरार था।

सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित संगठन में चल रही बहाली के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एफबीआई के एक एजेंट और एक अंडरकवर एजेंट ने जिहादी का रुप बनाया। इन दोनों ने जिहादी की तरह ही बातचीत करना भी सीखा। इन दोनों ने पहले सोशल मीडिया पर चल रहे इस ग्रुप को ज्वायन किया और यहां जिहादियों की तरह ही बातचीत भी की। उसके बाद पिछले साल नवंबर में विलफ्रेडो ने अंडरकवर एजेंट को लिखा कि ‘ आप भारत के खिलाफ हैं। मैं हिंदुओं से नफरत करता हूं। क्या मैं पाकिस्तान में रहूंगा? मैं लड़ना चाहता हूं। मैं करना चाहता हूं। मैं सिर कलम करना चाहता हूं।’ माइकल ने इस ग्रुप में शामिल अंडरकवर एजेंट से कहा कि वो हिंदुओं के धर्मस्थलों और मूर्तियों को तहस-नहस करना चाहता है। उसने कहा कि वो किसी को मार सकता है और उसे कुछ भी महसूस नहीं होता। वो लिबरल मुस्लिम, और सऊदी को मारना चाहता है। उसने एक महिला मुस्लिम नेता को भी मारने की ख्वाहिश जताई। माइकल ने बातचीत के दौरान भारत में आतंकवाद का और 26/11 हमलों का जिक्र भी किया था।

माइकल ने ही विलफ्रेडो को अंडरकवर कर्मचारी से परिचित कराया और उसने कहा कि वो लश्कर-ए-तैय्यबा में उनकी अगुआई करेंगे। उसने अंडरकवर एजेंट से कहा कि लश्कर में जाने के लिए उसे एक नया भाई मिल गया है। अक्टूबर में अडरकवर एजेंट ने माइकल को मैसेज किया कि वो आज फ्लाइट से जा रहे हैं। अगले दिन जब माइकल ने उनसे पूछा कि वो कहां हैं तो अंडरकवर एजेंट ने उन्हें बताया कि वो पाकिस्तान में हैं और जल्दी ही लश्कर-ए-तैय्यबा के ट्रेनिंग कैंप में होंगे। अंडरकवर एजेंट ने विलफ्रेडो से कहा कि उसे नवंबर में यूरोप के एक शहर में जाना होगा जहां उसे पाकिस्तान जाने के लिए वीजा और अन्य कागजात मिल जाएंगे। 7 फरवरी को विलफ्रेडो ने अंडरकवर एजेंट को अपने पासपोर्ट की फोटो कॉपी और फ्लाइट का कन्फर्म टिकट भेजा। जब वो न्यूयॉर्क के जेएफके एयरपोर्ट पर आया तो वहां पहले से इंतजार कर रही एफबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अगले ही दिन माइकल को भी दलास से गिरफ्तार कर लिया गया।

जानकारी के मुताबिक माइकल 29 साल के शख्स विलफ्रेडो एनकारनेसियन को यह गाइड कर रहा था कि उन्हें IS नहीं ज्वायन करना चाहिए क्योंकि उसके पास अपना क्षेत्र नहीं है। माइकल ने विलफ्रेडो को सलाह दी कि उसे IS की बजाए लश्कर-ए-तैय्यबा या तालिबान ज्वायन करना चाहिए। कोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि इस नाबालिग ने विलफ्रेडो से कहा कि लश्कर-ए-तैय्यबा पाकिस्तान की तरफ से फंडिंग किया जाने वाला एक बेहतरीन ग्रुप है जो कश्मीर, अफगानिस्तान और भारत में काम करता है। माइकल और विलफ्रेडो का केस अलग-अलग चलाया जा रहा था और डॉक्यूमेंट्स में इन्हें सहयोगी षड्यंत्रकारी बताया गया था। लेकिन जब IANS ने दो एफेडेविट एफबीआई के द्वारा डाला तो खुलासा हुआ है कि माइकल और विलफ्रेडो के बीच लिंक है।

डॉक्यूमेंट में माइकल और विलफ्रेडो की जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया गया है। यह पता चला है कि विलफ्रेडो न्यूयॉर्क के वाशिंगटन में रहता हैकि जब माइकल का जन्म अमेरिका में हुआ है। इस केस में माइकल के वकील ने IANS से फोन पर बातचीत नहीं की। विलफ्रेडो ने सोशल मीडिया पर अपना नाम ‘Jihadistsoldgier’ बताया था और ग्रुप में कहता था कि वो अपनी अंतिम सांस तक आईएस के लिए लड़ना चाहता है। विलफ्रडो ब्रिटेन के आईएस आतंकवादी मोहम्मद इमवाजी से काफी प्रभावित था। बता दें कि संघीय अदालतों में दो अलग-अलग केस दायर किए गए हैं। एक केस माइकल के खिलाफ दलास में और दूसरा केस न्यूयॉर्क में विलफ्रेडो के खिलाफ दायर किए गए हैं। इन दोनों के बीच हुई बातचीत इस बात को दर्शाती है कि इनका आतंकवाद का नेटवर्क किस कदर काम कर रहा है। (और…CRIME NEWS)

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