IPS अधिकारी सत्य साईं कार्तिक की कहानी, जिन्होंने UPSC में तीन अससफलता के बाद भी नहीं मानी थी हार

सत्य साईं कार्तिक का परिवार मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला है। कार्तिक का पहला शौंक सिविल सर्विस नहीं बल्कि क्रिकेट था। उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौंक था।

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IPS अधिकारी सत्य साईं कार्तिक (Photo- Twitter/Satya Sai Karthik IPS)

UPSC क्लियर कर IAS या IPS बनने का सपना हर युवक का सपना होता है। कई युवाओं को इसमें सफलता मिलती है तो कई कैंडिडेट्स को निराशा हाथ लगती है। असफल होकर निराश बैठने वाले युवाओं को सत्य साईं कार्तिक की कहानी प्रेरणा सकती है। महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी सत्य साईं कार्तिक भले ही आज अपने बेहतरीन काम से सुर्खियां बटोर रहे हों, लेकिन एक समय उन्हें भी कई बार निराशा हाथ लगी थी।

सत्य साईं कार्तिक का परिवार मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला है। कार्तिक का पहला शौंक सिविल सर्विस नहीं बल्कि क्रिकेट था। उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौंक था। उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अच्छा-खासा नाम कमाया था। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग में दाखिला ले लिया। इंजीनियरिंग के दौरान भी वे क्रिकेट खेलते रहे लेकिन आखिरी वर्षों में उन्होंने सिविल सेवा में जाने का मन बनाया।

सत्य साईं कार्तिक यूपीएससी की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स को सलाह देते हैं। कार्तिक का कहना है, ‘यूपीएससी की तैयारी के दौरान आपको असफलताओं से बिल्कुल भी नहीं घबराना चाहिए और लगातार मेहनत करते रहना चाहिए. कहते कहते हैं कि अगर आप ठान चुके हैं कि आपको यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करनी है, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको अपना लक्ष्य हासिल करने से नहीं रोक सकती. सही दिशा में बेहतर रणनीति के साथ कड़ी मेहनत करते रहें, तो आपको यहां सफलता मिल जाएगी.’

तीन प्रयासों में असफल होने के बाद भी सत्य साईं कार्तिक अपने लक्ष्य के लिए लगातार कोशिश करते रहे। साल 2019 के UPSC एग्जाम में आखिरकार उन्हें सफलता प्राप्त हुई। 2019 यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 103 रैंक हासिल कर आईपीएस अफसर बनने का सपना पूरा कर लिया। सत्य साईं ने कहा, ‘मैंने कई पुराने पेपर्स भी सॉल्व किए थे। क्योंकि उन्हें सॉल्व करने से पेपर का तरीका समझ आ जाता है और आपको ये भी पता चलता है कि इसमें आपको कितना समय लग रहा है। मैंने कई सारा मैटिरियल अखबार से भी निकाला था।’

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