पिता दिल्ली पुलिस में हैं इस्पेक्टर, पहले प्रयास में ही UPSC क्लियर करने के बाद नवनीत ने दोबारा दिया एग्जाम, 33 रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी

नवनीत उन कैंडिडेट्स के लिए एक मिसाल हैं जो UPSC क्लियर करने का सपना देखते हैं। नवनीत के पिता खुद दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। नवनीत का परिवार मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है, लेकिन पिता की नौकरी दिल्ली में होने के चलते उनकी स्कूलिंग और आगे की पढ़ाई दिल्ली से ही हुई।

Navneet Maan
IAS अधिकारी नवनीत मान (Photo- Navneet Mann/Instagram)

हर साल UPSC CSE एग्जाम में लाखों बच्चे बैठते हैं। लेकिन चुनिंदा छात्रों को ही इस एग्जाम में सफलता हासिल हो पाती है। आज एक ऐसी IAS अधिकारी की बात करेंगे जिन्होंने पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त कर ली, लेकिन दूसरी बार एग्जाम दिया क्योंकि वह सिर्फ IAS ही बनना चाहती थीं। हम बात कर रहे हैं- नवनीत मान की। नवनीत ने UPSC 2019 में 33 रैंक प्राप्त की थी।

नवनीत उन कैंडिडेट्स के लिए एक मिसाल हैं जो UPSC क्लियर करने का सपना देखते हैं। नवनीत के पिता खुद दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। नवनीत का परिवार मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है, लेकिन पिता की नौकरी दिल्ली में होने के चलते उनकी स्कूलिंग और आगे की पढ़ाई दिल्ली से ही हुई। उन्होंने 12वीं के बाद कंप्यूटर इंजीनियरिंग में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया था। इस दौरान ही उनके मन में सबसे पहले यूपीएससी एग्जाम में बैठने का ख्याल आया था।

नवनीत ने अपने पिता से ही इस एग्जाम के बारे में जाना और तैयारी करने का फैसला किया। पिता क्योंकि पहले ही पब्लिक सर्वेंट थे तो नवनीत के मन में भी IAS बनने की इच्छा थी। नवनीत ने ग्रेजुएशन के बाद एक साल तैयारी करके साल 2018 में पहला अटेम्पट दिया। पहले प्रयास में ही उनका चयन हो गया और उनकी रैंक 501 आई। अब क्योंकि नवनीत IAS अधिकारी बनना चाहती थीं तो उन्होंने जॉइन करने के बाद एक बार और एग्जाम दिया।

साल 2019 में नवनीत मान ने दूसरी बार एग्जाम दिया और इस बार उनकी मन-मुताबिक रैंक आ गई और उनके IAS बनने का रास्ता भी साफ हो गया। नवनीत ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘मेन्स परीक्षा की तैयारी के लिए खासतौर पर जरूरी है कि कैंडिडेट अपने सोर्स लिमिटेड रखें। इतनी किताबें इकट्ठी न कर लें जिनसे रिवाइज ही न कर पाएं। कम किताबों को बार-बार पढ़ें, इतनी बार की जब आपसे एग्जाम में आंसर लिखने को कहा जाए तो आंसर को सोचने, फ्रेम करने और सीमित समय में लिखने में आपको परेशानी न हो।’

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