UPSC जैसी कठिन परीक्षा में 31 रैंक प्राप्त करने वाली सिमी करण की कहानी, इंजीनियरिंग के बाद बनीं IAS अधिकारी

सिमी हर किसी को सही स्ट्रेटेजी के साथ तैयारी करने की सलाह देती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘पहले टॉपर्स के इंटरव्यू देखें और इंटरनेट की सहायता से अपने लिए बुक लिस्ट तैयार की। तैयारी के लिए जो स्टैंडर्ड बुक्स आती हैं उन्हीं का चुनाव करना चाहिए।’

IAS Officer
IAS सिमी करण की कहानी

UPSC एग्जाम के क्लियर हर पढ़े-लिखे युवा का सपना होता है। आज IAS अधिकारी सिमी करण के बारे में बात करेंगे। सिमी ने UPSC के अलावा IIT के एंट्रेस एग्जाम में भी सफलता हासिल की थी, लेकिन वह शुरू से ही देश की सेवा करना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने UPSC क्लियर करने का फैसला किया। उनकी सफलता से साबित होता है कि नामुमकिन लगने वाले गोल्स भी कड़ी मेहनत और सही प्लानिंग से कम समय में अचीव किए जा सकते हैं।

सिमी हर किसी को सही स्ट्रेटेजी के साथ तैयारी करने की सलाह देती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘पहले टॉपर्स के इंटरव्यू देखें और इंटरनेट की सहायता से अपने लिए बुक लिस्ट तैयार की। तैयारी के लिए जो स्टैंडर्ड बुक्स आती हैं उन्हीं का चुनाव करना चाहिए। इसके साथ ही इस बात को ध्यान में रखना है कि किताबें सीमित रखकर बार-बार रिवीजन करना है। हालांकि परीक्षा के लिए एक सिलेबस भी बहुत जरूरी है।’

सिमी का मानना है, ‘UPSC के लिए बहुत जरूरी है कि अच्छी स्ट्रेटेजी होनी चाहिए क्योंकि बिना स्ट्रेटेजी के अक्सर कैंडिडेट पीछे रह जाते हैं। कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि पेपर में बैठने के बाद कैंडिडेट्स को बहुत परेशानी होती है। इसके लिए तैयारी शुरू करने के साथ ही सही स्ट्रेटेजी बनाने पर जोर दें। स्ट्रेटेजी में अपना सिलेबस सबसे पहले तय कर लें। ऐसा करने से आधा काम आसान हो जाता है। स्ट्रेटेजी से काफी कंफ्यूज़न भी दूर हो जाती है।’

सिमी करण ने UPSC 2019 में 31 रैंक हासिल की थी। सिमी का मानना है, ‘नोट्स भी बनाए जा सकते हैं। कई बार कैंडिडेट्स को परेशानी होती है और उन्हें बार-बार बुक खोलकर मदद लेनी पड़ती है। इसका सबसे अच्छा तरीका है कि वह नोट्स बनाने पर जोर दें। अगर ऐसा करेंगे तो इससे काफी चीजें आसान हो जाती हैं। एक तो आपके पास बहुत सारा सिलेबस बहुत कम शब्दों में होगा और आप संक्षेप में पढ़ाई भी कर पाएंगे।’

सिमी ने बताया, ‘मुझे समय निकालना नहीं समय चुराना पड़ा। जैसे क्लासेस के बीच में जब भी समय मिले पढ़ाई करना, पार्टी, फेयरवैल न अटेंड करके केवल अपने गोल पर फोकस करना, ई-नोट्स साथ में कैरी करना ताकी जैसे ही मौका मिले उन्हें दोहराना आदि।’ इस प्रकार सिमी ने साबित किया कि प्लान और स्ट्रेटजी साफ हो तो कठिन से कठिन गोल भी पाया जा सकता है।

पढें जुर्म समाचार (Crimehindi News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट