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बिना कोचिंग के निधि सिवाच ने क्लियर किया UPSC एग्जाम, छह महीने के लिए खुद को घर में कर लिया था बंद, आज हैं IAS

निधि ने जब पहली बार इस परीक्षा में बैठने का फैसला किया था तो उनके सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन उन्होंने सबको दरकिनार कर इसके लिए मेहनत की और आखिरकार कामयाबी हासिल की।

IAS अधिकारी निधि सिवाच (Photo- Twitter)

हर साल UPSC एग्जाम में लाखों कैंडिडेट बैठते हैं। इस परीक्षा को लेकर पढ़े-लिखे युवाओं में एक अलग क्रेज देखने को भी मिलता है। साल 2019 में यूपीएससी क्लियर करने वाली निधि सिवाच की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

निधि ने जब पहली बार इस परीक्षा में बैठने का फैसला किया था तो उनके सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन उन्होंने सबको दरकिनार कर इसके लिए मेहनत की और आखिरकार कामयाबी हासिल की।

निधि को तीसरे अटेंप्ट में ये कामयाबी हासिल हुई थी और परिवार ने उनके सामने ये शर्त भी रख दी थी कि अगर वे तीसरे प्रयास में भी कामयाब नहीं हुई तो उनकी शादी कर दी जाएगी। निधि ने इसे स्वीकार किया और तीसरे प्रयास के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी। उन्हें इसमें कामयाबी भी हासिल हुई और आज वह IAS अधिकारी हैं। निधि ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके परिवार से कोई यूपीएससी तो छोड़ो कभी सरकार नौकरी में भी नहीं गया।

निधि ने बताया था, ‘जब मैंने पहली बार नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की थी तो प्री की परीक्षा से पहले तो छह महीने तक घर से बाहर कदम तक नहीं रखा था। पढ़ाई करने के बाद भी कई असफलता हाथ लगी, लेकिन इसके लिए धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी होता है।’ निधि ने तो कभी इस परीक्षा के लिए कोचिंग तक नहीं ली थी और परिवार में भी कोई ऐसा नहीं था जिससे ठीक गाइडेंस मिल सके।

निधि ने बताया था, ‘घर में बंद रहने का मतलब यह कतई नहीं होता है कि आप बाहर की दुनिया के कंपटीशन से ही कट जाएं। ऑनलाइन सब सुविधाएं हैं, उनका इस्तेमाल करें और देखें की बाकी कैंडिडेट्स की भीड़ में आप कहा स्टैंड कर रहे हैं और आपकी तैयारियों का लेवल क्या है।’

निधि सिवाच का जन्म हरियाणा के गुरुग्राम में हुआ था। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। इंटरमीडिएट के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की थी। उसके बाद 2 साल तक उन्होंने हैदराबाद की कंपनी में जॉब की। जहां उन्हें यह आभास हुआ कि उनकी मंजिल जॉब करना नहीं है।

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