IIT से ग्रेजुएशन के बाद चार बार UPSC में असफल हुए रुशीकेश रेड्डी, पांचवीं बार में बने IAS अधिकारी

रुशीकेश रेड्डी ऐसे सभी कैंडिडेट्स के लिए प्रेरणा हैं जो यूपीएससी में मिल रही असफलता से निराश हो जाते हैं। रुशीकेश ने कहा, ‘इंटरनेट पर बहुत सा मटेरियल है, जिसमें से आप अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं।’

Rushikesh Reddy
IAS अधिकारी रुशीकेश रेड्डी (Photo- Rushikesh Reddy/Twitter)

UPSC एग्जाम में हर साल लाखों बच्चे बैठते हैं, लेकिन चुनिंदा कैंडिडेट्स को ही इसमें सफलता हासिल होती है। रुशीकेश रेड्डी की कहानी उन सभी कैंडिडेट्स को प्रेरणा देगी जो IAS बनना चाहते हैं, लेकिन UPSC में सफलता हासिल नहीं हो पाती है। रुशीकेश चार बार असफल हुए थे और पांचवे प्रयास में उन्हें 95 रैंक प्राप्त हुई जिसके बाद उनका आईएएस बनने का रास्ता साफ हो गया।

रुशीकेश रेड्डी ऐसे सभी कैंडिडेट्स के लिए प्रेरणा हैं जो यूपीएससी में मिल रही असफलता से निराश हो जाते हैं। एक इंटरव्यू में रुशीकेश ने कहा, ‘आप यूपीएससी में सेल्फ स्टडी करके ही सफलता प्राप्त कर सकते हैं। आज के जमाने में इंटरनेट सभी के पास उपलब्ध है। इंटरनेट पर बहुत सा मटेरियल है, जिसमें से आप अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं। वे कहते हैं आपके सफर में चाहें कितनी भी परेशानी आए, लेकिन हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। कड़ी मेहनत कर आप अपना सपना पूरा कर सकते हैं।’

रुशीकेश ने यूपीएससी की तैयारी के लिए सबसे सही नोट्स को बताया। उन्होंने कहा, ‘कई बार कैंडिडेट्स सीधा बुक में ही हाईलाइट करने लगते हैं। जिससे बाद में परेशानी हो जाती है। क्योंकि फिर आपको बार-बार बुक खोलकर रिवीजन करनी पड़ती है, लेकिन नोट्स बनाकर आप इस मुश्किल का समाधान आसानी से कर सकते हैं। सिलेबस तय करना भी बहुत जरूरी है। ज्यादा किताबें पढ़ने से परेशानी हो सकती है इसलिए कोशिश करें कि कम किताबों से ही पढ़ाई करें।’

IIT दिल्ली से की ग्रेजुएशन: रुशीकेश का परिवार मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है और वह बचपन से ही बहुत होशियार थे। 12वीं तक पढ़ाई के बाद उन्होंने IIT दिल्ली में एडमिशन ले लिया था। यहां से पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया। इस एग्जाम की जब उन्होंने तैयारी की तो उन्हें पता था कि इसके लिए बहुत जरूरी है कि कठिन परिश्रम के साथ स्ट्रेटेजी भी बहुत जरूरी है।

रुशीकेश कहते हैं, ‘आपको ज्यादा से ज्यादा पेपर सॉल्व करने पर ध्यान देना चाहिए। चाहे आप किसी भी संस्थान से पढ़ाई कर रहे हों, लेकिन यहां टेस्ट पेपर सॉल्व करने से आपको प्रीलिम्स में काफी आसानी हो जाएगी। क्योंकि एग्जाम में बैठने पर आपको ये पता होगा कि सीमित समय में क्या चीज करनी चाहिए और किससे ये परीक्षा पास होगी।’

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