कलेक्टर की कहानी, पिता का संघर्ष देख बेटी ने कर लिया अफसर बनने का फैसला, UPSC में लाई 622वीं रैंक

मध्यप्रदेश के एक फॉरेस्ट गार्ड की बेटी निमिषी त्रिपाठी ने इस बार के यूपीएससी (UPSC) परीक्षा में 622वीं रैंक लाई है। पिता के संघर्षों को प्रेरणा मानने वाली निमिषी ने दूसरे अटेम्प्ट में यूपीएससी क्लियर किया है।

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पिता के साथ निमिषी त्रिपाठी (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट @DNN)

फॉरेस्ट गार्ड पिता के संघर्ष और उनके कलेक्टर की कहानी ने एक मासूम निमिषी त्रिपाठी के मन पर ऐसी छाप छोड़ी कि वो बचपन में ही अफसर बनने का फैसला कर ली। मेहनत और दृढ़ निश्चय से निमिषी ने यूपीएससी (UPSC) परीक्षा 2020 में 622 वीं रैंक लाकर अपना सपना पूरा कर लिया।

मध्य प्रदेश के वन रक्षक अवधेश त्रिपाठी की 24 वर्षीय बेटी निमिषी त्रिपाठी ने अपने दूसरे ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। मप्र के आदिवासी बहुल खरगोन जिले के सनावद की रहने वाली निमिषी ने शुक्रवार को आए यूपीएससी सिविल सेवा 2020 परीक्षा के अंतिम परिणाम में 622वीं रैंक हासिल की है।

निमिषी ने 2017 में दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद यूपीएससी की पूरी तरह से तयारी में जुट गई। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार निमिषी ने यूपीएससी क्लियर करने के बाद अपने संघर्ष के दिन को याद करते हुए कहा कि उनके पिता का संघर्ष और मां की देखभाल ही प्रेरणा थी।

निमिषी बताती हैं- मैंने अपने पिता को एक अस्थायी कर्मचारी के रूप में जंगलों में पसीना और कड़ी मेहनत करते देखा है। नौकरी के कई साल बाद पिता जी की नौकरी परमानेंट हुई थी”।

उन्होंने कहा कि जब उनके पिता जी नौकरी के सिलसिले में अलग-अलग जगह रहते थे, तो वो ये सुनिश्चित करते थे कि सीमित संसाधनों के बावजूद हमारी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। वो बताती हैं- बचपन में ही, मेरे पिता ने बताया कि कैसे एक कलेक्टर किसी भी जिले में बदलाव ला सकता है। उसी समय से सिविल सेवा परीक्षा को पास करना मेरा अंतिम सपना बन गया था।

निमिषी जब पहली बार जब 2019 में यूपीएससी की परीक्षा दीं तो वो प्रारंभिक परीक्षा को पास करने में सफल रहीं, लेकिन मुख्य परीक्षा को पास नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्होंने फिर से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया है और इस वर्ष उन्होंने यूपीएससी क्लियर कर ही लिया। हालांकि इस रैंक से वो अभी संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए वो और बेहतर करने के लिए आगे भी यूपीएससी की तैयारी करती रहेगीं।

निमिषी के पिता अवधेश त्रिपाठी बेटी की इस सफलता से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि मेरी दोनों बेटियों ने मेरे जीवन के संघर्ष से प्रेरणा ली है।

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