यूपीः मुख्‍तार अंसारी पर योगी सरकार का एक्शन, लखनऊ में पत्‍नी की बेशकीमती संपत्‍ति कुर्क, आजमगढ़ पुलिस ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई तरवां थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मुकदमे के तहत की गई। 2020 में अंसारी के खिलाफ तरवां थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।

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मुख्तार अंसारी। (फाइल फोटो)

माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी के नाम से लखनऊ में खरीदी गई करोड़ों की जमीन को आजमगढ़ पुलिस ने रव‍िवार को कुर्क कर द‍िया। इस जमीन की सर्किल रेट के अनुसार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है। जबकि सामान्य बाजार कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।

अंसारी की जमीन की कुर्की के लिए आजमगढ़ पुलिस शनिवार को ही लखनऊ पहुंच गई थी। पुलिस के मुताबिक लखनऊ में बाहुबली विधायक की पत्नी के नाम करोड़ों रुपये की जमीन है। यह कार्रवाई आजमगढ़ के तरवां थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मुकदमे के तहत की गई। 2020 में अंसारी के खिलाफ तरवां थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।

पुलिस का कहना है कि अंसारी ने गलत काम करके अपनी पत्नी और अपने बच्चों के नाम काफी संपत्ति बनाई। लखनऊ में उसकी 194 वर्गमीटर जमीन का पता चला था। अंसारी की जमीन 14 (1) गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई। 194 वर्ग मीटर की जमीन विधानसभा मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के बगल में स्थित है। जमीन भी पहले पेट्रोल पंप चल रहा था। जमीन नजूल की है, जिसे अवैध रूप से खरीदा गया था।

माफिया मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है। मुख्तर ने अपराधिक एवं अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति से यह जमीन पत्नी अफशां अंसारी के नाम से खरीदी थी। इससे पहले भी अंसारी के खिलाफ मऊ और गीजापुर जिले में यूपी की योगी सरकार ने कार्रवाई की है। मुख्तार अंसारी की अवैध संपत्तियों पर खड़े मकानों और काम्प्लेक्स को ध्वस्त कराया गया है। 

मुख्तार अंसारी मऊ से लगातार चार बार विधायक हैं। वह एक बार बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर व दो बार निर्दलीय और एक बार खुद की बनाई पार्टी कौमी एकता दल से असेंबली पहुंचा है। उनके एक और भाई सिबगतुल्ला अंसारी भी उसी पार्टी से विधायक हैं। जबकि एक अन्य भाई अफजल अंसारी सांसद रह चुके हैं। शुरुआत मुख्तार अंसारी ने भी छात्र राजनीति से की। 1988 में पहली बार उनका नाम हत्या के एक मामले में आया, हालांकि इस मामले में उनके ख़िलाफ़ कोई पुख्ता सबूत पुलिस नहीं जुटा पाई। इसके बाद वो शातिर अपराधी बन गया।

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