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रेस्तरां में ग्राहकों का करते थे कार्ड क्लोन, तीन गिरफ्तार

रेस्तरां में लगे सीसीटीवी कैमरे को काउंटर की दिशा में कर दिया था। ग्राहक जब काउंटर पर खड़े होकर स्वाइप मशीन में पासवर्ड डालता, उसकी जानकरी कैमरे में दर्ज हो जाती थी।

Author March 5, 2019 2:39 AM
रेस्तरां में लगे सीसीटीवी कैमरे काउंटर की दिशा में थे।

रेस्तरां में कार्ड (क्रेडिट या डेबिट) से भुगतान करने वालों के कार्ड को क्लोन कर खातों से रकम निकालने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को थाना सेक्टर-24 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से कार्ड क्लोन करने वाली मशीन बरामद की गई है जबकि दो आरोपी चकमा देकर फरार हो गए। इस तरह से ग्राहकों की जेब काटने वाला यह संगठित गिरोह काफी दिनों से सक्रिय है। पिछले महीने जीआइपी मॉल के एक रेस्तरां के कर्मी को इसी तरह के मामले में पकड़ा गया था। पूछताछ में पता चला कि रेस्तरांं प्रबंधक ने कार्ड के पासवर्ड को देखने के लिए कैमरे लगा रहे थे। कार्ड क्लोन करने के लिए काउंटर में छिपाकर मशीन रखी हुई थी। क्लोन हुए कार्ड और पासवर्ड को दूसरे साथी को दे देते थे। इसके बदले में हर सप्ताह हजारों रुपए कमीशन के रूप में मिलते थे। पुलिस कमीशन देने वाले दूसरे साथी की तलाश कर रही थी, इसी बीच यह नया मामला सामने आया है।

रविवार रात सब इंस्पेक्टर संदीप चौधरी को लॉजिक्स मॉल तिराहे पर कुछ बदमाशों की मौजूदगी की सूचना मिली। रात 11.30 बजे पुलिस ने घेराबंदी कर शुभम राव, कौशल गुप्ता और सुमित बिष्ट को गिरफ्तार किया। उसके दो अन्य साथी दीपक और समीर फरार हो गए। पूछताछ में पता चला कि तीनों सेक्टर- 32 के इम्परफेक्टो रेस्तरां बार में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि जानबूझकर रेस्तरां में लगे सीसीटीवी कैमरे को काउंटर की दिशा में कर दिया था। ग्राहक जब काउंटर पर खड़े होकर स्वाइप मशीन में पासवर्ड डालता, उसकी जानकरी कैमरे में दर्ज हो जाती थी। इसी दौरान बात-बात में ग्राहक का कार्ड लेकर दूसरी और छिपा कर रखी गई मशीन में डालकर क्लोन कर लेते थे। एसएसपी वैभव कृष्ण ने इस काम में संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के होने की आशंका जताई है। साइबर सेल समेत अन्य दस्ते जांच में लगाए गए हैं।

वहीं, सेक्टर-82 में 19 फरवरी को एटीएम मशीन में रकम डालने के दौरान 40 लाख रुपए की लूट को अंजाम देने के आरोप में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 4.40 लाख रुपए और दो तमंचे बरामद हुए हैं। आरोपियों ने 2018 में दिल्ली के अशोक नगर में 4.10 लाख रुपए, 2014 में सेक्टर-20 इलाके में 14.50 लाख रुपए समेत करीब एक दर्जन बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि थाना फेज-2 पुलिस ने रविवार देर शाम घेराबंदी कर कुलेसरा के पास बुलंदशहर के रहने वाले अनिल और गजेंद्र को गिरफ्तार किया।

पुलिस से बचने के चक्कर में आरोपियों की मोटरसाइकिल फिसल गई। इससे गजेंद्र के पैर में चोट आई है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी गजेंद्र ने पुलिस से बचने के लिए थाना सेक्टर-20 की ओर से जारी गैर जमानती वारंट मामले में 22 फरवरी को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद उसे जमानत मिल गई थी। पुलिस के मुताबिक 19 फरवरी को गजेंद्र, अनिल और नन्हें सेक्टर- 82 केंद्रीय विहार-2 में एटीएम मशीन में डाले जा रहे रुपए के बैग को लूटने आए थे। गजेंद्र और नन्हें एटीएम तक गए और लूट को अंजाम दिया। लूट के बाद लोगों ने नन्हें को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इस दौरान बैग से नीचे करीब 19 लाख रुपए गिर गए थे जिन्हें लोगों ने लूट लिया था। बाकी रकम लेकर गजेंद्र और अनिल भाग गए थे। गजेंद्र ही गिरोह का सरगना है।

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