35 बार हुए असफल फिर IPS बन पेश की मिसाल; विजय वर्धन की कहानी…

ऐ और बी ग्रेड की लगभग 30 परीक्षाओं में मुंह की खाने के बाद विजय वर्धन को झटका जरुर लगा लेकिन उनका इरादा बुलंद था।

crime, crime newsIPS विजय वर्धन। फोटो सोर्स- फेसबुक, @Vijay Wardhan Sarswat

कभी-कभी कोई इंसान जब सफलता पाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करता है और वो सफल नहीं हो पाता है तो उसकी हिम्मत टूटने लगती है। लेकिन आज हम जिस खास शख्सियत की बात कर रहे हैं वो एक नजीर हैं ऐसे लोगों के लिए जिनका अटूट हौसला समाज के लिए नजीर बन गया। हम बात कर रहे हैं 35 परीक्षाओं में फेल होकर IPS बनने वाले अफसर विजय वर्धन की।

मूल रूप से हरियाणा के सिरसा जिले के रहने वाले विजय वर्धन की कहानी बेहद ही प्रेरणादायक है। सिरसा में शुरुआती शिक्षा हासिल करने के बाद विजय वर्धन हायर स्टडीज के लिए हिसार चले आए। साल 2013 में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले विजय वर्धन ने सिविल सर्विसेज ज्वायन करने का इरादा बनाया। लेकिन अपनी चाहत को मुकाम तक पहुंचाने के दौरान उनके रास्ते में कई असफताएं आईं पर वो अपने लक्ष्य से कभी नहीं डिगे।

यूपीएससी की तैयारी करने के लिए विजय वर्धन हिसार से दिल्ली चले आए। आम छात्रों की तरह विजय वर्धन भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करने लगे। यूपीएससी की तैयारी के दौरान विजय वर्धन ने हरियाणा पीसीएस, यूपी पीसीएस, एसएससी सीजीएल जैसी करीब 30 अलग-अलग परीक्षाएं दीं और इन सभी परीक्षाओं में वो फेल हो गये। यानी उनका चयन नहीं हुआ।

ऐ और बी ग्रेड की लगभग 30 परीक्षाओं में मुंह की खाने के बाद विजय वर्धन को झटका जरुर लगा लेकिन उनका इरादा बुलंद था। इसके बाद शुरू हुआ यूपीएससी की परीक्षा में उनकी नाकामी का सिलसिला। विजय वर्धन ने साल 2014 से यूपीएससी की परीक्षा देने की शुरुआत की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2014 और 2015 में विजय केवल प्री परीक्षा पास कर पाए और मुख्य परीक्षा में असफल रहे। तीसरी बार विजय ने अपनी तैयारियों का रुख बदला और फाइनल भी पास कर गए लेकिन केवल 06 अंक से मुख्य सूची में आने से रह गए। बार-बार असफल होने के बावजूद विजय के इरादे नहीं डगमगाए और 2017 में उन्होंने फिर परीक्षा दी और अबकी बार साक्षात्कार तक पहुंचे लेकिन सफलता अभी भी उनसे दूर थी।

विजय के आसपास रहने वाले लोगों ने अब उम्मीद छोड़ दी थी और विजय को भी यूपीएससी की उम्मीद छोड़ देने के लिए कहा था। धुनी विजय वर्धन लोगों की बातों से जरा भी नहीं विचलित हुए। साल 2018 में वो वक्त भी आया जब विजय को उनकी मंजिल मिली। विजय को यूपीएससी की परीक्षा में 104वीं रैंक हासिल हुआ।

Next Stories
1 मुंबई: जहां दाऊद करता था राज वहां अब इस लेडी डॉन का है कब्जा, ड्रग्स के कारोबार में है माहिर
2 होटल के वेटर से IAS बनने की कहानी, सातवीं बार परीक्षा देकर जय गणेश ने हासिल की थी कामयाबी
3 VIDEO: दिव्यांग के मुंह में डंडा डालने की कोशिश, BJP नेता पर लगा था आरोप; केस हुआ था दर्ज
यह पढ़ा क्या?
X