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कुंवारी लड़कियों के खून से नहाती थी यह सीरियल किलर, 650 कत्ल करने वाली का हुआ यह अंजाम

वो इन लड़कियों की तबतक जमकर पिटाई करती थी जब तक की वो मर ना जाएं। कई बार वो इन लड़कियों को अपना ही मांस खाने पर मजबूर करती। इतना ही नहीं वो लड़कियों के प्राइवेट पार्ट को जला कर उन्हें टॉर्चर भी करती थी।

प्रतीकात्मक तस्वीर। (फाइल फोटो)

कोई उसे खूंखार सीरियल किलर कहता है तो कोई यह कहता है कि वो महिला तो ‘ड्राकूला’ की जैसी थी। जी हां, ‘ड्राकूला’ नाम तो आपने फिल्मों या किस्सों-कहानियों में जरुर सुना होगा। इन कहानियों में ‘ड्राकूला’ को उस पिशाच के तौर पर दिखाया गया है जो हर वक्त इंसान का खून पीने के लिए बेताब रहता है। लेकिन क्या रियल लाइफ में सचमुच कोई इंसान इस कदर खूंखार हो सकता है? इस सवाल को सोच कर ही हम आज सिहर उठते हैं। यह कहानी है उस महिला सीरियल किलर की जो इंसान के खून से नहाना पसंद करती थी। उसका खौफ लोगों में इस कदर भर गया कि लोग अपने बच्चों को घरों में छिपा कर रखने लगे।

सन् 1560 में हंगरी में एक लड़की का जन्म हुआ। घरवालों ने इस बच्ची का नाम एलिजाबेथ रखा। एलिजाबेथ का जन्म एक रईस खानदान में हुआ था और कहा जाता है कि उसके माता-पिता तथा अन्य रिश्तेदार काफी क्रूर स्वभाव के थे। घर के माहौल की वजह से एलिजाबेथ भी कम उम्र से ही काफी गुस्सैल स्वभाव की हो गई थी। घर में छोटी-छोटी बातों पर वो अक्सर आपा खो देती थी। उसने देखा था कि कैसे उसके परिवार के लोग आसपास रहने वाले गरीब और असहाय लोगों पर जुल्म ढाया करते थे। यह भी कहा जाता है कि एलिजाबेथ ने अपने अंकल से शैतानियां सीखी तथा अपनी चाची से उसने सीखा की कैसे किसी को बेदर्दी से दर्द दिया जाता है।

15 साल की उम्र में एलिजाबेथ की शादी आर्मी के एक जवान फेरेंक नाडास्डी से हुई। शादी के बाद इस कपल को लोगों के ऊपर क्रूर अत्याचार के लिए जाना जाने लगा। अपने कई नौकरों के साथ इन दोनों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी। शादी के करीब 10 साल बाद एलिजाबेथ को तीन बेटियां और एक बेटा हुआ। सन् 1600 में एलिजाबेथ के पति की मौत हो गई। पति की मौत के बाद एलिजाबेथ कैस्टेल यानी नॉर्थवेस्ट हंगरी आ गई। बता दें कि इस जगह को अब स्लोवाकिया के नाम से जाना जाता है। यहां आने के बाद उसने अपने साथ कई सारे नौकर रखे थे। कहा जाता है कि यह नौकर उसने इसीलिए रखे थे ताकि वो उनकी मदद से लोगों को टॉर्चर कर सके।

एक दिन एलिजाबेथ कैस्टेल के अपने घर में एक लड़की से अपने बाल ठीक करवा रही थी। चूकवश इस लड़की ने एलिजाबेथ के बाल जोर से खींच दिए। नाराज एलिजाबेथ ने लड़की को इतनी जोर से मारा कि उसके शरीर से खून बहने लगा। एलिजाबेथ के हाथों में लड़की का खून लग गया था। उस रात एलिजाबेथ को ऐसा लगा कि उसके हाथ में जहां लड़की का खून लगा था वहां उसकी स्किन और भी जवां और खूबसूरत हो गई है। बस यहीं से शुरू हुई एक सीरियल किलर के पागलपन की कहानी। एलिजाबेथ के शैतानी दिमाग ने सोचा कि थोड़े से खून से अगर उसके हाथ इतने अच्छे हो सकते हैं तो फिर वर्जिन लड़कियों के खून से नहाने पर वो हमेशा जवान रहेगी और उसकी त्वचा पर हमेशा निखार रहेगा।

इसके बाद धीरे-धीरे इस गांव से जवान लड़कियां और बच्चियां गायब होने लगीं। कई लड़कियां यहां काम के तलाश में आई थीं लेकिन उन्हें दोबारा कभी नहीं देखा गया। कहा जाता है कि एलिजाबेथ इन लड़कियों को कैद कर लेती थी। इसके बाद वो इन लड़कियों की तबतक जमकर पिटाई करती थी जब तक की वो मर ना जाएं। कई बार वो इन लड़कियों को अपना ही मांस खाने पर मजबूर करती। इतना ही नहीं वो लड़कियों के प्राइवेट पार्ट को जला कर उन्हें टॉर्चर भी करती थी। जब कभी वो बीमार होती तो वो अपने नौकरों को हुक्म देकर उनसे लड़कियों को टॉर्चर कराया करती थी। वो लड़कियों के चेहरे और उनके कंधों को बेरहमी से कांटती थी। कहा जाता है कि जब गांव से जवान लड़कियां खत्म हो गईं तो उसने महिलाओं का खून बहाना और इस खून से नहाना शुरू कर दिया।

सन् 1609 में एक लड़की की मौत के बाद एलिजाबेथ पर उसकी हत्या का आरोप लगा लेकिन एलिजाबेथ ने इसे सुसाइड का मामला बताया। इस मामले में प्रशासन को एलिजाबेथ पर शक हुआ और एक रात प्रशासन ने एलिजाबेथ के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान घर में जहां-तहां बिखरी कुंवारी लड़कियों के शव मिले। कुछ शवों के हाथ और आंख भी गायब थे। इसके बाद एलिजाबेथ पर मुकदमा दर्ज किया गया। एलिजाबेथ के कई नौकरों पर भी केस दर्ज कर लिया गया।

जांच के दौरान एलिजाबेथ के एक नौकर ने रुह कपा देने वाली सच्चाई बयां की है। उसने बताया कि वहां लड़कियों को रस्सी से बांध कर रखा जाता था और पीट-पीट कर उनकी हत्या की जाती थी। एलिजाबेथ और उसके नौकरों को 80 हत्याओं का आरोपी बनाया गया। हालांकि साक्ष्य यह बताते हैं कि कुल 650 महिलाओं की हत्या की गई। एलिजाबेथ के नौकरों को मौत की सजा दी गई। जबकि मुख्य आरोपी एलिजाबेथ को जिंदगी भर एक कमरे में बंद रखने की सजा दी गई। इस कमरे में करीब साढ़े तीन साल तक रहने के बाद एक दिन एलिजाबेथ की मौत हो गई।

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