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Dev Anand की ‘गैंगस्टर’ में दिखी थी, वो ‘लेडी डॉन’ अब तक है पुलिस की पकड़ से दूर

उस वक्त दिल्ली पुलिस ने उसे हत्या की कोशिश के एक केस में गिरफ्तार किया था लेकिन जल्दी ही उसे बेल भी मिल गई। इसके बाद साल 2000 में पुणे के मशहूर कारोबारी सागर लदकत के अपहरण और हत्या में इस गैंगस्टर का नाम सामने आय़ा।

Author Published on: April 15, 2019 5:58 PM
इस गैंगस्टर की पुलिस को सालों से तलाश है।

पुलिस की फाइलों में दर्ज है कि उसका नाम अर्चना शर्मा है। उसका जन्म लखनऊ में 17 नवंबर 1975 को हुआ। उसने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। इन बातों के अलावा पुलिसिया रिकॉर्ड यह भी बताती है कि वो ब्लैकमेलिंग, रंगदारी, किडनैपिंग और मर्डर जैसे संगीन अपराधों में शामिल रही है। इतना ही नहीं उसके संबंध कुख्यात बदमाश बबलू श्रीवास्तव, फजल-उर-रहमान, इरफान गोगा और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से भी रहे हैं। आज हम जिस महिला की बात कर रहे हैं उसपर कुख्यात गैंगस्टर का तमगा लगा है। कहा जाता है कि साल 2000 में नेपाल में इस कुख्यात महिला गैंगस्टर की ड्रग माफियाओं ने गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

अर्चना बालमुकुंद शर्मा उत्तर प्रदेश की एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। लखनऊ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए वो मुंबई चली आई। यहां उसने कुछ एल्बम में काम भी किया। कहा जाता है कि साल 1990 में अर्चना की दोस्ती उस वक्त के खतरनाक गैंगस्टर बबलू श्रीवास्तव से लखनऊ में हुई थी। साल 1993-94 में अर्चना दुबई चली गई और उसने यहां एक कपड़ों की दुकान भी खोली। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक वो यहां कुछ सालों तक बबलू श्रीवास्तव के साथ ही रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात गोगा और फजल से हुई थी। जब साल 1995 में इंटरपोल ने सिंगापुर में बबलू श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया और उसे जब भारत लाया गया तब अर्चना भी वापस आ गई। भारत आने के बाद उसने मशहूर फिल्म ‘गैंगस्टर’ में देव आनंद के साथ काम भी किया। लेकिन इस दौरान वो फजल के लगातार संपर्क में थी जो बबलू श्रीवास्तव पकड़े जाने के बाद उसके लिए रंगदारी का काम देखता था।

ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और अपहरण जैसे संगीन जुर्मों में अर्चना का नाम सबसे पहले साल 1997 में सामने आया। उस वक्त दिल्ली पुलिस ने उसे हत्या की कोशिश के एक केस में गिरफ्तार किया था लेकिन जल्दी ही उसे बेल भी मिल गई। इसके बाद साल 2000 में पुणे के मशहूर कारोबारी सागर लदकत के अपहरण और हत्या में इस गैंगस्टर का नाम सामने आय़ा। लदकत की हत्या के बाद वो कोलकाता चली गई। कहा जाता है कि इस महिला गैंगस्टर के निशाने पर एक धनी होटल व्यापारी राजू पुनवानी थे। जानकारी के मुताबिक अर्चना ने ही अपने कुछ नए साथियों के साथ पुनवानी की हत्या की पूरी रुपरेखा तैयार की थी। लेकिन उस वक्त अचानक पुलिस को अर्चना की इस खतरनाक योजना का पता चल गया और पुलिस ने कोलकाता के जोधपुर पार्क के पास उस घर में छापेमारी कर दी जहां अर्चना ठहरी हुई थी। कहा जाता है कि वो अंतिम मौका था जब इस बात का पता चला था कि अर्चना भारत में है। इसके बाद अर्चना फजल-उर-रहमान के साथ मिलकर अंडरवर्ल्ड माफिया दाऊद इब्राहिम के गुर्गे में शामिल हो गई। पुलिस आज तक इस महिला गैंगस्टर को दबोच नहीं सकी है।

अर्चना के बारे में जितनी जानकारी है उसके मुताबिक वो बबलू श्रीवास्तव और फजर-उर-रहमान की गर्लफ्रेंड थी। इन्हीं साथियों की बदौलत वो ‘लेडी डॉन’ बनी। 1990 के दशक में वो हत्या और अपहरण के कई मामलों में मुख्य आरोपी थी। साल 1998 से पुणे पुलिस को उसकी तलाश थी। उसपर बिजनेस मैन सागर लदकत के अपहरण और हत्या का आरोप है। (और…CRIME NEWS)

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