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ब्रा से गला घोंट ले ली थी जान, जेल में लिखी किताब बन गई बेस्ट सेलर

आखिरकार अदालत में उसे 9 महिलाओं की हत्या का दोषी पाया गया। 28 जून 1994 को उसे ताउम्र जैल की सजा हुई। लेकिन उसने जेल में सिर्फ एक रात ही बिताई और अगले ही दिन उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

इस सीरियल किलर ने कई महिलाओं को मौत के घाट उतारा। प्रतीकात्मक तस्वीर।

वो कविताएं लिखता था, कहानियां लिखता था और उसने एक मशहूर आटोबायोग्राफी भी लिखी जिसने उसे ख्याति दिलाई। लेकिन अफसोस की इस राइटर की पहचान इन तमाम अच्छी बातों से नहीं बल्कि जुर्म की काली दुनिया के एक खौफनाक हत्यारे से है। जैक अंटरवीगर उर्फ जैक द राइटर ने साल 1974 से लेकर 1992 तक कई हत्याओं को अंजाम दिया। जैक का जन्म साल 1950 में ऑस्ट्रेलिया के ग्रैज़ में हुआ था। जैक के पिता के बारे में ज्यादा जानकारी किसी को नहीं है। कहा जाता है कि जैक की मां एक वेश्या थीं जब जैक उनके गर्भ में था तब वो एक धोखेबाजी के एक केस में साल 1953 में पकड़ी गई थीं और जेल भी गई थीं। इसी दौरान जैक का जन्म हुआ और जन्म के बाद जैक अपने ग्रैंड पेरेन्ट्स के साथ ही रहा।

बचपन में ही जैक नासमझी में कई छोटे-मोटे जुर्म कर जाता था। लेकिन जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही वो पूरी तरह से जरायम की दुनिया में आ गया। 16 से 25 वर्ष की उम्र में उसने करीब 16 बड़े अपराधों को अंजाम दिया। इनमे से ज्यादातर बलात्कार के मामले थे। जैक ज्यादातर वेश्याओं को अपना निशाना बनाता था। इस उम्र तक उसने अपनी जिदंगी के ज्यादातर समय जेल में ही गुजारे। साल 1974 में अंटरवीगर ने पहली बार मर्डर किया। उसने 18 साल की जर्मन लड़की मारगैरेट स्काफेर की ब्रा से गला घोंट कर हत्या कर दी। इस मामले में उसे साल 1976 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए उस वक्त कहा था कि वो लड़की उसे अपनी मां लगी इसीलिए उसने उसकी हत्या कर दी।

लेकिन जेल में जाने के बाद अंटरवीगर का एक अलग ही चेहरा देखने को मिला। जेल में ज्यादातर वक्त वो कविताएं और कहानियां लिखने में बिताने लगा। उसने एक बेहतरीन ऑटोबायोग्राफी ‘Purgatory’ लिखी। इस बायोग्राफी को काफी पसंद किया गया। यह बेस्टसेलर बुक भी बन गई। हत्यारे अंटरवीगर की राइटिंग स्किल से प्रभावित होकर लोग ऑस्ट्रेलिया में जेल से उसकी रिहाई को लेकर एकजुट होने लगे। इतना ही नहीं कुछ स्कूलों में उसकी किताब भी पढ़ाई जाने लगी। हालांकि 15 साल तक जेल की सजा काटने के बाद ही उसे रिहा किया गया। जेल से निकलने के बाद अंटरवीगर ने अपनी किताब को लेकर कई सारे इंटरव्यू दिए। टीवी और रेडियो पर आने की वजह से वो काफी मशहूर हो गया। जल्दी ही अंटरवीगर एक पत्रकार भी बन गया और उसे क्राइम रिपोर्टिंग का काम भी मिल गया।

भले ही दुनिया की नजर में जैक द राइटर एक पत्रकार बन गया लेकिन अभी उसका असली चेहरा सबसे सामने आना बाकी थी। ऑस्ट्रेलियन पुलिस के मुताबिक जेल से निकलने के बाद अंटरवीगर ने ब्लांका बोकावा नाम की एक महिला का कत्ल किया। इस महिला का शव प्रेगू इलाके के पास नदी में मिला था। कुछ हफ्तों के बाद इलाके की एक मशहूर वेश्या अचानक गायब हो गई। कई महीनों बाद उनका शव मिला और उनकी भी हत्या बोकावा की तरह ही गला घोंट कर की गई थी। कुछ दिनों के बाद एक और महिला हाइडीमैरी हैमीरर का शव भी मिला। इन सभी की ब्रा से गला घोंट कर हत्या की गई थी। इसके बाद तो इलाके की कुछ और वेश्याएं रहस्यमय ढंग से लापता हुईं और फिर धीरे-धीरे इनके भी शव मिले। हालांकि अब तक पुलिस यह समझ चुकी थी कि उनका पाला एक सीरियल किलर से पड़ा है।

इधर अंटरवीगर एक ऑस्ट्रेलियन मैगजीन में बतौर क्राइम जर्नलिस्ट काम करने लगा। दिलचस्प बात यह भी है कि उसने उन अपराधों की रिपोर्टिंग भी की जिसे उसने खुद अंजाम दिया था। उसने लॉस एंजेलिस और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली वेश्याओं की हालत और उनके बारे में लोगों की सोच पर आधारित एक आर्टिकल लिखा। इस दौरान वो लॉस एंजेलिस भी गया। वो लॉस एजेंलिस पुलिस डिपार्टमेंट को अलग-अलग क्राइम के बारे में खबरें भी देता था। लेकिन इसी बीच उसने वहां भी तीन और महिलाओं की हत्या कर दी। इन सभी महिलाओं के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर ब्रा से इनकी गला घोंट दी गई।

लॉस एंजेलिस से अंटरवीगर मीयामी पहुंचा। यहां वो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आया था। इधर ऑस्ट्रेलियन पुलिस ने वेश्याओं के कत्ल के मामले में कई सारे ऐसे सबूत इकठ्ठा कर लिए जिससे यह साबित होने लगा कि अंटरवीगर ही खूंखार सीरियल किलर है। मियामी में पुलिस ने अंटरवीगर को गिरफ्तार कर लिया। उस वक्त अंटरवीगर ने ऑस्ट्रेलियन मीडिया से कहा था कि वो पुलिस को समझाए की वो हत्यारा नहीं है। लेकिन इस बार पुलिस के पास पुख्ता सबूत थे। आखिरकार अदालत में उसे 9 महिलाओं की हत्या का दोषी पाया गया। 28 जून 1994 को उसे ताउम्र जैल की सजा हुई। लेकिन उसने जेल में सिर्फ एक रात ही बिताई और अगले ही दिन उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसने आत्महत्या भी उसी अंदाज में की जिस अंदाज में वो कत्ल किया करता था। उसने जेल में मिले कपड़ों से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली।

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