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सायनाइड वाली टॉफी खिला अपने ही बेटे का कर दिया मर्डर, जासूसी से खुला राज

बच्चे के ऑटोप्सी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि उसके पेट में काफी मात्रा में सायनाइड है। Pixy Stix की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि किसी ने इसे खोला था और इसके अंदर रखे कुछ कैंडी को निकालकर उसमें जहर मिले कैंडी डाल कर उसे फिर से पैक कर दिया था।

बच्चे की मौत पर पिता ने जो कहानी पुलिस को सुनाई उसपर पुलिस को यकीन नहीं हुआ। प्रतीकात्मक तस्वीर

बच्चों की पसंदीदा चीज होती है टॉफी। यकीनन टॉफी को देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और वो अक्सर टॉफी खाने के लिए अपने पेरेंट्स से जिद भी जरूर करने लगते हैं। लेकिन एक पिता ऐसा भी था जिसने अपने ही बच्चों को ‘मौत की टॉफी’ खिला दी। अमेरिका के इस ‘Candy Man’ की कहानी आपको हैरान कर देगी। आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि क्या कोई पिता अपने ही पुत्र की इस तरह से जान ले सकता है? 8 साल का मासूम तिमोथी अपने पिता रोनाल्ड क्लार्क ओ ब्रायन और मां के साथ अमेरिका के टेक्सास स्थित हैरिस काउंटी में रहता था।

साल 1974 में 31 अक्टूबर के दिन अचानक पापा द्वारा दी गई कैंडी खाने के बाद मासूम तिमोथी की मौत ने उसके परिजनों को सन्न कर दिया। लेकिन जब तिमोथी की मौत की असली दास्तां दुनिया के सामने आई तो हर कोई उसके हत्यारे के बारे में जानकर दंग रह गया। इस दिन 30 साल के ओ ब्रायन और उनकी पत्नी डैनी अपने दो बच्चों तिमोथी और एलिजाबेथ के साथ टेक्सास में ही रहने वाले एक परिवार के घर डिनर करने पहुंचे थे। इस घर पर जिम बेट्स और उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ रहती थीं। रात का भोजन करने के बाद ओ ब्रायन घर से यह कह कर निकल गया कि वो बच्चों के लिए टॉफी लाने जा रहा है।

थोड़ी देर बाद जब ब्रायन लौटा तो उसके हाथ में ढेर सारी Pixy Stix (खट्टी-मिट्ठी टॉफी जो रैपर में पैक कर बाजार में उपलब्ध है) थीं। उसने बच्चों से कहा कि यह उनके लिए भाग्यशाली दिन है क्योंकि उनके अमीर पड़ोसी महंगी टॉफियां बांट रहे हैं। घर आने के बाद ओ ब्रायन ने अपने बच्चों से कहा कि सोने से पहले उन्हें एक ट्रिट मिलेगी। ब्रायन ने सभी बच्चों को Pixy Stix खाने के लिए दिए लेकिन रात काफी हो जाने की वजह से सभी बच्चे सो गए और सिर्फ तिमोथी ने पापा का यह ट्रीट बड़े प्यार से लिया और फिर वो सोने चला गया।

Pixy Stix खाने के थोड़ी ही देर बाद तिमोथी ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। उसे उल्टियां शुरू हुईं और देखते ही देखते उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बच्चे के ऑटोप्सी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि उसके पेट में काफी मात्रा में सायनाइड है। Pixy Stix की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि किसी ने इसे खोला था और इसके अंदर रखे कुछ कैंडी को निकालकर उसमें जहर मिले कैंडी डाल कर उसे फिर से पैक कर दिया था। इधर ओ ब्रायन ने पुलिस को कहानी सुनाई थी कि उस दिन रात के वक्त जब कैंडी की तलाश में वो एक अंधेरे घर के पास पहुंचा तो उसने घर की डोर बेल बजाई थी।

उस वक्त स्थानीय अखबारों में Candy Man को लेकर खूब चर्चा हुई थी।

थोड़ी देर बाद घर से बाहर आए किसी शख्स ने उसे यह टॉफी दी थी लेकिन अंधेरा होने की वजह से वो उसका चेहरा नहीं देख सका था। ओ ब्रायन की इस कहानी पर पुलिस को शक हुआ। खास कर जब उसने पुलिस को बताया कि जब उसने एक अँधेरे घर का डोर बेल बजाया तो किसी ने उसे पांच Pixy Stix दिए। उसने पुलिस को बताया था कि उसने किसी को नहीं देखा सिर्फ एक बालों वाले इंसान को देखा था। पुलिस ने जब इस घर के बारे में पता लगाया तो खुलासा हुआ कि वहां एक एयर ट्रैफिक कंट्रोलर रहते हैं। उन्होंने 200 लोगों को बतौर गवाह खड़ा कर दिया जिन्होंने पुलिस को बताया कि जिस वक्त यह घटना हुई वो उस वक्त वहां मौजूद ही नहीं थे।

इसके बाद इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए जासूसों की मदद ली गई। जासूसों ने अपनी जांच के दौरान पता लगाया कि ओ ब्रायन Texas State Optica में काम करता था। उसपर एक लाख डॉलर का कर्ज था। इस दौरान उसने अपना घर भी खो दिया वो अपना घर खोने से काफी दुखी था। उसकी जॉब भी छूट गई थी क्योंकि उसके बॉस ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। जासूसों ने पता लगाया कि ओ ब्रायन के बच्चों का 60,000 डॉलर का जीवन बीमा था। दरअसल ब्रायन ने इन्हीं पैसों के लिए अपने बच्चों को मारने का प्लान बनाया था। जल्दी ही पुलिस ने ओ ब्रायन को अपने ही बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि जासूस कभी यह नहीं बता सकें कि यह कैंडी कहां से आई थी?। साल 1975 के मई के महीने में ओ ब्रायन पर जब ट्रायल शुरू हुआ तब कई गवाहों ने कहा कि बच्चे के अंतिम संस्कार के दौरान ओ ब्रायन ने तिमोथी के इंश्योरेंस से मिलने वाले पैसों से लंबी छुट्टी पर जाने की बात कही थी। इस शख्स ने पैसों के लिए अपने ही जिगर के टुकड़े का खून कर दिया। अदालत में उस वक्त प्रोसिक्यूटर माइक हिन्टन ने कहा था कि ‘जरा सोचिए कि इस शख्स के लिए कितना आसान है किसी को पैसों के लिए मारना।’ इस मामले में ज्यूरी को 46 मिनट लगे ओ ब्रायन को दोषी पाने और उसे मौत की सजा सुनाने में। 31 मार्च 1984 को ओ ब्रायन को मौत की सजा दे दी गई।

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