IPS राकेश मारिया ने किताब में बताया: कैसे किया था संजय दत्त को गिरफ्तार, कबूलनामे की पूरी कहानी

कड़ाई से पूछूताछ करने पर संजय दत्त ने राकेश मारिया से अकेले में बात करने का अनुरोध किया। जिसके बाद संजय दत्त ने राकेश मारिया के सामने बच्चे की तरह रोते हुए पूरी बात कबूल कर ली जो उनके साथियों ने कही थी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कबूल लिया कि हथियार उनके ही घर पर रखे गए थे।

मुंबई ब्लास्ट केस में आईपीएस राकेश मारिया ने खुद ही फिल्म अभिनेता संजय दत्त को गिरफ्तार किया था और उनसे कबूलनामा भी करवाया था। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर रहे आईपीएस राकेश मारिया की गिनती काबिल पुलिस अफसरों में की जाती है। राकेश मारिया ने ही फिल्म अभिनेता संजय दत्त से जुड़ा मुंबई ब्लास्ट केस और 26/11 मामले को अंजाम तक पहुंचाया था। मुंबई ब्लास्ट केस में राकेश मारिया ने खुद ही फिल्म अभिनेता संजय दत्त को गिरफ्तार किया था और उनसे कबूलनामा भी करवाया था। साथ ही उनको सलाखों के भीतर भी पहुंचाया था। 

आईपीएस राकेश मारिया ने अपनी किताब लेट मी से इट नाउ में इसका जिक्र किया है. किताब के अनुसार 1993 ब्लास्ट के बाद राकेश मारिया को इन्वेस्टिगेशन की कमान मिली थी। पुलिस ने इस केस में शामिल कुछ लोगों को पकड़ा था। पकड़े गए लोगों से पूछताछ के दौरान ही संजय दत्त का नाम सामने आया था। नाम सामने आने के बाद मुंबई पुलिस के तत्कालीन डीसीपी रहे राकेश मारिया को ही संजय दत्त को गिरफ्तार करने और उनसे पूछताछ करने का जिम्मा दिया गया।

तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अमरजीत सिंह सामरा का आदेश मिलने के साथ ही राकेश मारिया 19 अप्रैल 1993 को सहारा एयरपोर्ट पर पहुंच गए। जहां संजय दत्त की फ्लाइट मॉरीशस से मुंबई के लिए लौट रही थी. फ्लाइट से उतरते के साथ ही राकेश मारिया संजय दत्त के सामने पहुंच गए। राकेश मारिया ने उन्हें अपना परिचय देते हुए उनसे अपना बोर्डिंग पास और पासपोर्ट देने के लिए कहा। संजय दत्त इतना सुनते ही अवाक रह गए और उन्होंने बिना कुछ भी बोले हुए पासपोर्ट और बोर्डिंग पास सौंप दिया।

इसके बाद राकेश मारिया अपनी एम्बेसडर कार में संजय दत्त को दो सिपाहियों के साथ बिठाकर मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के ऑफिस लेकर चले आए। इस दौरान संजय दत्त बार बार सिपाहियों से पूछते रहे कि उन्हें कहां लेकर जाया जा रहा है। वो बार बार अपने परिजनों से मिलने की गुहार भी लगा रहे थे। लेकिन गाड़ी में बैठे सिपाहियों ने उनकी बात का कोई भी जवाब नहीं दिया। इसके बाद संजय दत्त को एक स्पेशल कमरे में बिठा दिया गया जहां उन्हें शौचालय का उपयोग करने के लिए दरवाजा खुला रखने का आदेश था। साथ ही वहां धूम्रपान भी प्रतिबंधित था।

जिस दिन संजय दत्त को गिरफ्तार किया गया उस रात तक उन्हें क्राइम ब्रांच के दफ्तर में ही रखा गया। अगले दिन अहले सुबह करीब 8 बजे राकेश मारिया कुछ पुलिस अफसरों के साथ संजय दत्त से पूछताछ करने पहुंचे। राकेश मारिया ने संजय दत्त को बम ब्लास्ट की पूरी कहानी सुनाने के लिए कहा। लेकिन संजय दत्त बार बार यह कहते रहे कि सर मैंने कुछ नहीं किया। इस दौरान संजय दत्त पूरी तरह टूट कर रोने भी लगे। बार बार सवाल दोहराए जाने के बाद भी जवाब नहीं देने पर राकेश मारिया ने संजय दत्त को एक थप्पड़ जड़ दिया।

इसके बाद कड़ाई से पूछने पर संजय दत्त ने राकेश मारिया से अकेले में बात करने का अनुरोध किया। जिसके बाद संजय दत्त ने राकेश मारिया के सामने बच्चे की तरह रोते हुए पूरी बात कबूल कर ली जो उनके साथियों ने कही थी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कबूल लिया कि हथियार उनके ही घर पर रखे गए थे और उन्होंने ही उसे नष्ट किया। इसके बाद राकेश मारिया ने हथियार नष्ट करने में संजय दत्त का साथ देने वाले उनके साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।  उसके बाद संजय दत्त को अदालत में पेश किया गया और उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

पूछताछ के दौरान संजय दत्त ने आईपीएस राकेश मारिया से यह अनुरोध किया कि कृपया उसके पिता सुनील दत्त  को इसके बारे में कुछ भी ना बताया जाए। लेकिन राकेश मारिया ने साफ़ मना कर दिया कि मैं कुछ भी छुपा नहीं सकता। मुझे सच बताना पड़ेगा। इसके बाद राकेश मारिया ने संजय दत्त का सामना उसके पिता और तत्कालीन सांसद सुनील दत्त से कराया। पिता को देखते ही संजय दत्त फूट-फूट कर रोने लगे और अपने पिता के पैर पकड़ कहने लगे कि मुझे माफ़ कर दें। मुझसे गलती हो गई। मैंने गलती की है और उसे कबूल कर लिया है।

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