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एक मिनट के लिए हटा दो- पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस में जब श्रीकांत त्यागी ने नहीं उतारा मास्क तो बोले कमिश्नर

Shrikant Tyagi Noida: श्रीकांत त्यागी ने पूछताछ में बताया कि उसके पास जो ‘विधायक’ का स्टीकर था वह उसे स्वामी प्रसाद मौर्या से मिला था।

एक मिनट के लिए हटा दो- पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस में जब श्रीकांत त्यागी ने नहीं उतारा मास्क तो बोले कमिश्नर
नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में श्रीकांत त्यागी की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी दी। (Photo Credit – PTI)

Shrikant Tyagi Arrested: पिछले हफ्ते नोएडा में ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में एक महिला को गाली देने और धक्का देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से श्रीकांत त्यागी फरार था। यूपी पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश कर रही थी और आखिरकार मंगलवार (9 अगस्त) को नोएडा पुलिस ने उसे मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। त्यागी के गिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस ने पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में एक प्रेस कांफ्रेंस की, जिसमें गिरफ्तारी से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए गए। अब श्रीकांत त्यागी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

त्यागी ने लाखों खर्च कर बिडिंग में लिए थे 0001 सीरीज के नंबर

प्रेस कांफ्रेंस में नोएडा के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने कहा “आरोपी के पास से जब्त किए गए वाहन यूपी 32, 001 नंबर सीरीज के हैं। इन सभी नंबर प्लेट के लिए आरोपी ने बोली माध्यम (बिडिंग) का इस्तेमाल किया था। पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) ने बताया कि श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) ने इन नंबर प्लेट्स को हासिल करने के लिए करीब 1,10,000 रुपए का भुगतान किया।

स्वामी प्रसाद मौर्या के माध्यम से मिला था विधायक वाला स्टीकर

श्रीकांत त्यागी के गाड़ी पर विधायक वाला स्टीकर क्यों था? इस सवाल के जवाब में पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि ये स्टीकर उन्हें स्वामी प्रसाद मौर्य के माध्यम से मिले थे। मौर्या फिलहाल समाजवादी पार्टी में हैं, पहले वह भाजपा में हुआ करते थे। त्यागी के ड्राइवर ने उसके कहने पर ही कार पर यूपी सरकार का राज्य चिन्ह को भी पेंट कराया था। पुलिस ने अब तक पांच कारें बरामद की हैं, जिसमें दो फॉर्च्यूनर, दो सफारी और एक होंडा सिविक शामिल है। इसमें से कुछ त्यागी के नाम पर और कुछ उसकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।

गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा श्रीकांत त्यागी?

पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में यह भी बताया कि कैसे त्यागी अब तक गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहा। उनके मुताबिक, त्यागी को पकड़ने के लिए कुल 12 टीमें बनाई गई थी, जो श्रीकांत का लगातार पीछा कर रही थी। आलोक सिंह ने कहा कि घटना के बाद त्यागी पहले दिल्ली हवाई अड्डे की तरफ गया और फिर शुक्रवार को वह मेरठ के लिए रवाना हो गया।

फरारी के दौरान बदलता रहा गाड़ी और मोबाइल डिवाइस

त्यागी ने फिर अगले दिन सभी डिवाइस बदल दी और शनिवार को हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश के लिए रवाना हो गया। रविवार को वह दोबारा यूपी में दाखिल हुआ और शाम के बाद उसने फिर से अपने मोबाइल फोन बदले। हालांकि तब तक त्यागी की मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर के आसपास की लोकेशन ट्रेस की जा चुकी थी। इस दौरान उसने अलग-अलग गाड़ियों का प्रयोग किया और करीब चार दिनों तक फरार था और अंततः उसे मेरठ से पकड़ लिया गया।

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