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मजदूर से शादी के लिए बन गई हत्यारिन, प्रेंग्नेंट लड़की ने अपने ही घर के 10 लोगों की ले ली थी जान

दरअसल शबनम, सलीम नाम के एक लड़के से प्यार करती थी। सूफी परिवार से ताल्लुक रखने वाली शबनम के परिवार के पास काफी जमीन थी। वहीं पांचवीं फेल सलीम पेशे से एक मजदूर था।

शबनम और सलीम।

जुर्म की दुनिया में कुछ कारनामे ऐसे हैं जिन्हें सोच कर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ऐसी ही एक घटना को अंजाम दिया था शबनम नाम की एक लड़की ने। घटना उत्तर प्रदेश के अमरोहा से 20 किलोमीटर दूर गांव बावनखेड़ी की है। जहां पर एक प्रेग्नेंट शबनम ने मजदूर प्रेमी से शादी के लिए अपने ही परिवार के 10 लोगों की जान ले ली थी। आज शबनम मुरादाबाद की जेल में अपने किये की सजा काट रही है। दरअसल शबनम, सलीम नाम के एक लड़के से प्यार करती थी। सूफी परिवार से ताल्लुक रखने वाली शबनम के परिवार के पास काफी जमीन थी। वहीं पांचवीं फेल सलीम पेशे से एक मजदूर था। यही कारण है कि एमए पास शबनम के परिवार वाले दोनों के रिश्ते का विरोध कर रहे थे। अपने प्यार को हासिल करने के लिए शबनम ने 14-15 अप्रैल 2008 में सलीम संग मिलकर पूरे परिवार की हत्या कर दी। उस वक्त शबनम सात महीने की गर्भवती थी।

इस घटना को बीते हुए करीब 10 साल से अधिक गुजर गए हैं लेकिन आज भी गांव वाले इस घटना को नहीं भूले।दहशत और नफरत ऐसी कि गांव का कोई भी आदमी अपनी बेटी का नाम शबनम नहीं रखता है। उस घटना के बाद किसी के घर में शबनम से जन्म नहीं लिया। गांव के लोगों का कहना है कि शबनम के घर के कमरों में आज भी खून के धब्बे हैं। कहा जाता है कि शबनम पढ़ने में काफी अच्छी थी। किसी को भी यकीन नहीं होता कि वह इस तरह का घिनौना काम करेगी। घटना के बाद शबनम ने कहा था कि घर में घुसे लुटेरों ने सभी को काट डाला, बाथरूम में होने के कारण उसकी जान बच गई।

परिवार के एक शख्स के जिंदा बचने से पुलिस को शबनम पर शक हुआ था। जब पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल्स को खंगाला तो उसने 50-60 बार एक ही नंबर पर बात की थी। हत्या के कुछ मिनट पहले भी शबनम ने इसी नंबर पर बात की थी। इसके बाद पुलिस ने शबनम और सलीम को गिरफ्तार कर लिया था।

फिलहाल शबनम का मामला कोर्ट में है। कोर्ट ने दोनों को मौत की सजा दी है। सुप्रीम कोर्ट से भी उनकी सजा माफ नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति याचिका दायर की, जिसे भी रद्द कर दिया गया। एक बार से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल की है, जिसकी सुनाई इसी महीने होनी है। बता दें कि शबनम के बेटे को बुलंदशहर के रहने वाले पत्रकार उस्मान सैफी और उनकी पत्नी वंदना ने गोद लिया था। उस्मान और वंदना अमरोहा की बाल कल्याण समिति जाकर बच्चे का हाल-चाल लेते हैं।

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