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‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से था प्रभावित, सीरियल किलर ने फिल्मी अंदाज में कई लोगों को मार डाला

अविनाश अपने दुश्मनों के साथ-साथ अपने साथियों के दुश्मनों का सफाया करना अपना फर्ज समझता था और जब पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पत्रकारों ने उससे पूछा कि तुम्हारा गुस्सा कब ठंडा होगा तो उसने कहा था 'रुह निकल जाने के बाद।'

हत्यारा फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से काफी प्रभावित था। प्रतीकात्मक तस्वीर।

जब वो महज 6 साल का था तो उसके पिता की हत्या कर दी गई। घरवालों ने उसे पढ़ने-लिखने के लिए दिल्ली भेज दिया। उसने दिल्ली के मशहूर जामिया मिलिया इस्लामिया से एमसीए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वो इंफोसिस कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करने लगा। वो फर्राटेदार अंग्रेजी भी बोलता था और उसने इसी भाषा में एक किताब भी लिखी थी। आखिर इतना पढ़ा-लिखा और होनहार शख्स एक सीरियल किलर कैसे बन गया? क्या हुआ ऐसा कि वो एक फिल्मों से प्रभावित होकर कत्लेआम मचाने लगा? यह कहानी है बिहार की राजधानी पटना के पटना सिटी के खाजेकलां इलाके में रहने वाले अविनाश श्रीवास्तव उर्फ अमित की।

अविनाश के पिता आरजेडी के विधायक थे। साल 2002 में उसके पिता की कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अविनाश जब बड़ी कंपनी में नौकरी कर रहा था तब उसने बिहार में बिजनेस करने के बारे में सोचा और यहां आकर उसने कुछ लोगों से मुलाकात की और अपने व्यापार को लेकर विस्तृत योजनाएं बनाई। लेकिन इस बीच किसी ने उसे बताया कि जिन लोगों के साथ वो बिजनेस करना चाहता है उन्हीं लोगों ने उसके पिता की हत्या की थी। यह बात ने अविनाश के दिल-ओ-दिमाग को झकझोर दिया। अविनाश अब अपने पिता के हत्यारों से बदला लेने के बारे में सोचने लगा। बस यहीं से अविनाश की जिंदगी बदल गई और उसने कदम रखा जुर्म की दुनिया में। अविनाश ने पहले एक-एक कर अपने पिता के छह हत्यारों में से चार को मार डाला। इसके बाद उसने अपने पिता की हत्या के मुख्य आरोपी मोइन खान नाम के एक शख्स के सीने में 32 गोलियां डाल दी। खास बात यह थी कि अविनाश अक्सर मर्डर करते वक्त अपना ब्लू कलर का लकी जिंस और शर्ट ही पहनता था।

कभी कॉलेज का होनहार अविनाश अब धीरे-धीरे फिरौती, हत्या और अन्य अपराधों की दुनिया का बेताज बादशाह बन बैठा। कत्ल करने के जुनून ने उसे सीरियल किलर बनाया और इस जुनून में उसपर एक के बाद एक 20 कत्ल करने के आरोप लगे। अविनाश का आतंक बिहार के कई जिलों में फैल चुका था और वो पुलिस के लिए अब सिरदर्द बन चुका था। साल 2017 में नवादा की एसआईटी ने अपनी गुप्त सूचना के आधार पर अविनाश को पटना से धर दबोचा। पुलिस की पूछताछ में इस सीरियल किलर ने बताया कि वो मशहूर फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से काफी प्रभावित था। उसने बताया कि जिस तरह इस फिल्म के दूसरे पार्ट में फैजल (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) अपने पिता की मौत का बदला लेता है उसी तरह उसने भी अपने पिता के कातिल को गोलियों से छलनी कर दिया। इतना ही नहीं कहा जाता है कि अविनाश अपने दुश्मनों के साथ-साथ अपने साथियों के दुश्मनों का सफाया करना अपना फर्ज समझता था और जब पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पत्रकारों ने उससे पूछा कि तुम्हारा गुस्सा कब ठंडा होगा तो उसने कहा था ‘रुह निकल जाने के बाद।’ (और…CRIME NEWS)

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