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सिर काट तिहाड़ जेल के बाहर फेंक देता, खौफनाक शौक रखने वाला सनकी

यह भी कहा जाता है कि हत्या के बाद रात 8 बजे वो अपने शिकार के हाथों को बांध कर शव के सामने तंत्रमंत्र भी करता था और उसके बाद एक धारदार हथियार से उनके टुकड़े-टुकड़े कर देता था।

पुलिस हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

वो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद करने का भरोसा दिलाता। उन्हें अपने बच्चों की तरह अपने पास रखता, खाना खिलाता और फिर एक दिन उनकी हत्या कर देता था। इतना ही नहीं हत्या के बाद वो  शव के टुकड़े कर उसे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फेंक देता। लोगों को मौत के घाट उतारने का यह तरीका था एक सनकी सीरियल किलर चंद्रकांत झा का। साल 2013 में जब अदालत ने उसे कई हत्याओं के जुर्म में सजा सुनाई तो उसकी आंखों में जरा भी खौफ नहीं था। उसे सजा सुनाते वक्त एडिशनल सेशन जज कामिनी लऊ ने उसके खिलाफ किसी भी तरह की दया दिखाने से इनकार कर दिया था और कहा था कि वो कभी सुधर नहीं सकता।

उसने पहली हत्या साल 1998 में की और इस हत्या के लिए वो करीब तीन साल तक सलाखों के पीछे रहा। लेकिन साल 2002 में वो जेल से रिहा हो गया। वजह थी कि उसके खिलाफ पुलिस के पास पुख्ता सबूत नहीं थे। इसके बाद उसने 6 और हत्याएं की और लाश के साथ बर्बरता भी की। हालांकि जब उसे इन छह हत्याओं  के जुर्म में पकड़ा गया था तब वो इनमें से 4 आरोपों में सबूत के अभाव की वजह से रिहा हो गया।

दरअसल जिस तरह चंद्रकांत झा हत्या के बाद अपने शिकार के शवों के अंग शहर में इधर-उधर फेंकता था उससे पुलिस के लिए शवों की पहचान करना और हत्यारे को सबूत के साथ दबोचना चुनौती भरा था। झा ने खुद बताया था कि उसके लिए कानून को चुनौती देना और लोगों की हत्या कर बच निकलना दिल्ली पुलिस से बदला लेने की तरह है।

पुलिस को चुनौती देने के लिए इस सनकी सीरियल किलर ने दो लोगों की हत्या कर उसने सिर को तिहाड़ जेल के बाहर फेंक दिया था। इस दौरान पुलिस ने वहां से एक खत भी बरामद किया था जिसमें हत्यारे ने उसे पकड़ने के लिए जांच एजेंसी को खुलेआम चैलेंज किया था।

पुलिस के फाइल में झा के खिलाफ कुल 14 मामले दर्ज हैं जिनमें से सात हत्या के मामले हैं। कहा जाता है कि चंद्रकांत झा के निशाने पर ज्यादातर वो लोग होते थे जो यूपी, बिहार से काम की तलाश में दिल्ली आते थे। वो इन लोगों को नौकरी दिलाने का लालच देता था और उन्हें अपने जेजे कॉलोनी स्थित मकान में रखता था। वो इन लोगों को शराब, नॉनवेज इत्यादि भी देता था। शराब पिलाकर वो अपने शिकार की हत्या कर देता था। यह भी कहा जाता है कि हत्या के बाद रात 8 बजे वो अपने शिकार के हाथों को बांध कर शव के सामने तंत्रमंत्र भी करता था और उसके बाद एक धारदार हथियार से उनके टुकड़े-टुकड़े कर देता था।

हत्या के बाद वो उसी कमरे में खाना भी खाता था जिस कमरे में लाश पड़ी हुई होती थी। साल 2007 में इस सीरियल किलर ने अंतिम हत्या की और वो पकड़ा गया। इसने पुलिस की हिरासत में कहा था कि वो इंसान के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने में उस्ताद है। वो कहता था कि वो इंसानी जि को इस तरह काटता है कि उससे खून बहुत ही कम बहता है। अदालत ने उसे आजीवन कैद की सजा सुनाई है। (और…CRIME NEWS)

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