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Kamlesh Tiwari Murder: सुरक्षा एजेंसियों को आशंका- कोई और है ‘मास्टरमाइंड’, देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश

कमलेश तिवारी की हत्या की जांच में जुटी पुलिस और एजेंसियों को इस मामले में किसी नए और अज्ञात संगठन की साजिश भी नजर आ रही है। आशंका है कि कोई और है, जो देश का माहौल खराब करने में जुटा हुआ है।

Author लखनऊ | Updated: October 23, 2019 8:14 AM
18 अक्टूबर को हुई थी हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या। प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स -इंडियन एक्सप्रेस)

हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या हुए पांच दिन हो गए। पुलिस के अफसर कई एंगल से इस घटना की तह तक जाने की कोशिश में जुटे हैं। पड़ताल में लगी एजेंसियों को इस घटना में कुछ नए संगठनों के भी शामिल होने की आशंका है। चर्चा है कि कोई दूसरा अज्ञात ग्रुप है, जिसने इस घटना को अंजाम देने में हत्यारों का मददगार बना।

डीजीपी को भी ऐसी आशंका : उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने भी इस संभावना से इंकार नहीं किया। जो आरोपी पकड़े गए हैं, उनसे पूछताछ में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं, जिससे यह लग रहा है कि कोई ऐसा है जो देश का माहौल खराब करने में जुटा है। इस मामले के तार यूपी के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी जुड़ रहे हैं। यूपी एटीएस जांच के लिए अन्य राज्यों की एटीएस से संपर्क बनाए हुए है। इस मामले की गहराई से छानबीन के लिए केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद लिए जाने की बात चल रही है।

Hindi News Today, 23 October 2019 LIVE Updates

कई शहरों से जुड़े हैं तार : कमलेश की हत्या से जुड़े एक संदिग्ध सैयद आसिम अली को नागपुर से पकड़ा गया है। महाराष्ट्र एटीएस के मुताबिक हत्याकांड में उसकी भूमिका रही है। दूसरी तरफ जिस मिठाई के डिब्बे में हत्यारोपी पिस्टल ले आए थे, वह गुजरात के सूरत से खरीदी गई थी। पुलिस ने सूरत से ही फैजान, मौलाना मोहसिन शेख और रशीद अहमद पठान को पकड़ा है। अलग-अलग जगह से अलग-अलग लोग उसके मददगार हैं।

नेपाल में भी हो सकते हैं मददगार : इसी तरह जिस इनोवा कार से आरोपी आए थे, वह लखीमपुर से बुक की गई थी। आरोपियों का इलाज बरेली में हुआ। वहां भी उनके लोग हैं। इसके अलावा भी कई राज हैं, जो अभी खुलने हैं। इससे पता चलेगा कि कौन और किस तरह से मदद कर रहा है। आरोपियों के नेपाल में भी मददगार होने और वहां से भी उनकी सक्रियता की आशंका है। आरोपी नेपाल भागना चाहते थे, लेकिन घेराबंदी होने से वे ऐसा कर नही सके।

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