बाबा जयगुरुदेव की फर्जी वसीयत बना हड़प ली ट्रस्ट की संपत्ति, उपाध्यक्ष ने चाचा-भतीजा पर दर्ज कराया केस

उपाध्यक्ष का आरोप है कि संस्था के बेशकीमति जमीन को बेचा गया तथा ट्रस्ट की संपत्तियों मसलन – पेट्रोल पंप, ढाबा, धर्मकांटा आदि से अवैध रूप से राशि भी इन दोनों के द्वारा वसूली गई है।

मथुरा में स्थित जयगुरुदेव का आश्रम काफी मशहूर है। फोटो क्रेडिट – Oinam Anand, Indian Express

दुनिया भर में बाबा जयगुरुदेव के नाम से मशहूर संत स्वामी तुलसीदास जी महाराज के नाम से चल रहे ट्रस्ट में पैसों के हेरफेर का मामला सामने आया है। इस मामले में जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के उपाध्यक्ष रामप्रताप ने पंकज यादव नाम के एक शख्स औऱ उसके चाचा पर जयगुरुदेव की वसीयत से फरेब कर पैसे हड़पने का आरोप लगाया है। पंकज यादव और उसके चाचा पर आऱोप है कि उन्होंने धोखे से खुद को जयगुरुदेव ट्रस्ट का अध्यक्ष घोषित कर ट्रस्ट की संपत्ति में हेराफेरी कर ली और इसका इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

वसीयत में खुद को बताया अध्यक्ष: आरोप लगाया गया है कि पंकज यादव ने खुद को जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था और जयगुरुदेव धर्म प्रचारक ट्रस्ट का अध्यक्ष घोषित कर लिया। खुद को अध्यक्ष साबित करने के लिए उसने बाबा जयगुरुदेव की वसीयत का सहारा लिया। इसके बाद पंकज यादव ने बैंक अधिकारियों और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के जरिए संस्था और ट्रस्ट के खातों से मोटी रकम निकाल ली। इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि पंकज यादव ने संस्था के उज्जैन स्थित जमीन को भी गैर कानूनी तरीके से बेच दिया। दिलचस्प बात यह भी है कि शिकायतकर्ता का कहना है कि पंकज याजव के चाचा हर दयाल यादव उर्फ वीर सिंह यादव ने भी जयगुरुदेव जी महाराज की वसीयत से छेड़छाड़ कर कुछ जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिया है।

बैंक कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग: इस मामले में जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के उपाध्यक्ष और जयगुरुदेव धर्म प्रचारक ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी रामप्रताप ने थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई है। बीते 04-01-2020 को थाना हाईवे जिला मथुरा में धारा 420, 447, 468, 471 और 427 के तहत केस दर्ज किया गया है। शिकायत कर्ता ने दोनों गलत वसीयतों को बनाने वालों पर कार्रवाई और विभिन्न बैकों के अज्ञात अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा इन बैंकों में फर्जी खातों में जमा बाबा जयगुरुदेव की संपत्ति को छुड़ाने की मांग भी की गई है।

ट्रस्ट के उपाध्यक्ष का आरोप है कि संस्था के बेशकीमति जमीन को बेचा गया तथा ट्रस्ट की संपत्तियों मसलन – पेट्रोल पंप, ढाबा, धर्मकांटा आदि से अवैध रूप से राशि भी इन दोनों के द्वारा वसूली गई है। अब ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ने पुलिस से इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि पंकज यादव पहले बाबा का ड्राइवर था और उनकी मृत्यु के पश्चात उसने ही उन्हें मुखाग्नि दी थी।

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