ताज़ा खबर
 

जेल में सिख कैदियों से दूर रखे जाएंगे, सलाखों के पीछे सज्जन कुमार का यूं बीता पहला दिन

कुमार को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली की पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-1 क्षेत्र में एक-दो नवंबर 1984 को पांच सिखों की हत्या और राज नगर पार्ट-दो में एक गुरुद्वारा जलाने के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी।

Author January 1, 2019 1:42 PM
sajjan kumarसज्जन कुमार। (file photo)

दिल्ली की मंडोली जेल भेजे गए कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार के वार्ड से एहतियात के तौर पर सिख कैदियों को दूर रखा जाएगा। कड़कड़डूमा अदालत में सोमवार को आत्मसमर्पण करने के बाद कुमार को मंडोली जेल ले जाया गया। बता दें कि 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में कुमार को जीवनपर्यंत कारावास की सजा सुनायी गई है। दिल्ली के सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के बाद पुलिस उन्हें लेकर जेल पहुंची। उन्होंने बताया कि जेल चिकित्सक ने भी कुमार की चिकित्सकीय जांच की। यह चिकित्सकीय जांच उनकी उम्र के कारण की गई है। उन्होंने डॉक्टर को कहा कि उन्हें दमा की दिक्कत है और वह शारीरिक दर्द से परेशान हैं। सूत्रों के मुताबिक मेडिकल जांच के बाद उन्हें वार्ड संख्या एक में ले जाया गया। वहीं वार्ड के पास के सिख कैदियों को ऐहतियात के तौर पर अन्य वार्डों में स्थानान्तरित कर दिया गया है।

सूत्रों ने कहा कि जेल में उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है और जेलकर्मियों को यह सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है कि जेल में दो-तीन सिख कैदियों को एहतियातन उनसे दूर रखा जाये। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में उनके साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया जाएगा। अदालत के निर्देश के बाद उसे कैदियों को ले जाने वाली अलग बस से जेल परिसर लाया गया। बस की सुरक्षा में दो वाहन चल रहे थे। कुमार (73) ने मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट अदिति गर्ग के समक्ष आत्मसमर्पण किया जिन्होंने निर्देश दिया कि उसे उत्तर-पूर्वी दिल्ली की मंडोली जेल में रखा जाए।

बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सज्जन कुमार के आत्मसमर्पण करने के लिए 31 दिसंबर की अंतिम समयसीमा तय की थी इस दौरान अदालत ने 21 दिसंबर को आत्मसमर्पण के लिए समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध वाली अर्जी खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर को कुमार को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। दोषसिद्धि के बाद कुमार ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। कुमार को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली की पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-1 क्षेत्र में एक-दो नवंबर 1984 को पांच सिखों की हत्या और राज नगर पार्ट-दो में एक गुरुद्वारा जलाने के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी। ये दंगे 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने के बाद हुए थे।

Next Stories
1 जब प्रेग्नेंट एक्ट्रेस को बेरहमी से मार घर के बाहर खून से लिख दिया ‘सुअर’
2 बेटी से रेप का कलंक लिए मर गया शख्स, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा निर्दोष था बाप
3 टेस्ट ड्राइव के लिए दिया था एसयूवी, ले उड़े उचक्के!
ये पढ़ा क्या?
X