scorecardresearch

UP Assembly Election: सहारनपुर दंगे के मुख्य आरोपी ने ज्वाइन की सपा, मचा बवाल

मोहर्रम अली की जॉइनिंग का एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। इस फोटो में मोहर्रम अली के अलावा सहारनपुर नगर से विधायक संजय गर्ग और सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम भी दिख रहे हैं।

moharram ali, saharanpur riots, akhilsh yadav, samajwadi party
सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने मोहर्रम अली को पार्टी में शामिल किया था। (Photo Credit – Social Media)

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले नेताओं द्वारा दलों की अदलाबदली और जॉइनिंग का दौर जारी है। आपराधिक मामलों में फंसे नाहिद हसन को टिकट देने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि समाजवादी पार्टी ने सहारनपुर दंगे के मुख्य आरोपी मोहर्रम अली उर्फ पप्पू को पार्टी में शामिल कर विपक्षियों को निशाना साधने का एक और मौका दे दिया है।

क्यों मचा बवाल: समाजवादी पार्टी में मोहर्रम अली की जॉइनिंग के समय का एक फोटो इस वक्त सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। इस फोटो में मोहर्रम अली के अलावा सहारनपुर नगर से विधायक संजय गर्ग और सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम भी दिख रहे हैं। मोहर्रम अली के जॉइनिंग के बाद सपा के अंदरखाने ही विरोध के स्वर पनपने लगे। सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेशसचिव अभिषेक अरोड़ा उर्फ टिंकू ने कहा कि वह मोहर्रम अली के पार्टी में शामिल होने से हैरान हैं और वह जल्द ही इस बात को शीर्ष नेतृत्व के सामने पुरजोर तरीके से रखेंगे।

क्या हुआ था सहारनपुर में: दरअसल, साल 2014 में सहारनपुर के गुरुद्वारा रोड पर स्थित एक जमीन में गुरुद्वारा कमेटी (श्री गुरु सिंह सभा) विवादित संपत्ति पर गुरुद्वारा विस्तार का निर्माण कार्य कर रही थी। इसी निर्माण को लेकर दो समुदायों के बीच आपसी झगड़ा हुआ और देखते ही देखते इस झगड़े ने साम्प्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। इसके बाद पूरे इलाके में पथराव और आगजनी की घटना सामने आने लगी।

प्रशासन जब तक इस घटना पर पूरे जोर – शोर से जुटता तब तक पूरा शहर दंगों की आग में झुलस गया। सैंकड़ों दुकानें आग के हवाले कर दी गईं। इस दंगे में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि पथराव में आम लोगों के अलावा कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। हालात ज्यादा बिगड़ने की आशंका के चलते पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था।

कौन हैं मोहर्रम अली और क्या लगे आरोप: जुलाई, 2014 में हुए इन दंगों के बाद पुलिस ने धरपकड़ शुरू की तो शुरुआत में करीब आधा दर्जन लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें से एक रहे मोहर्रम अली पप्पू को दंगों का मुख्य आरोपी बताया गया था। जांच में शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि शहर भर में दंगा भड़काने, भीड़ को उकसाने और क़ुतुब शेर पुलिस स्टेशन के घेराव के पीछे मोहर्रम अली का ही हाथ था।

क्या हुआ एक्शन: दंगो के मुख्य आरोपी मोहर्रम अली की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन डीएम संध्या तिवारी ने कहा था कि मुख्य आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA लगा दिया गया है, साथ ही बाकी आरोपियों पर भी गैंगस्टर एक्ट व रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मोहर्रम अली व दंगे में शामिल अन्य लोगों पर 80 से ज्यादा मुकदमें दर्ज किये गए थे। मोहर्रम अली पर रासुका लगाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया, जहां वह डेढ़ साल रहा। हालांकि, साल 2021 में इस जमीन विवाद मामले में दोनों समुदाय के लोगों के बीच में फैसला हो चुका है और मोहर्रम अली अभी जमानत पर बाहर है।

पढें जुर्म (Crimehindi News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.