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सुशील कुमार के खिलाफ सबूत जुटा रही है दिल्ली पुलिस, 150 साल पुराना तरीका अपना सकती है जांच एजेंसी

ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार से क्राइम ब्रांच लगातार पूछताछ कर रही है। सुशील ने पुलिस को बताया कि उसका इरादा सागर धनखड़ को मारने का बिल्कुल नहीं था। अब ऐसे में जांच एजेंसी ज्यादा से ज्यादा सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है।

सुशील कुमार से लगातार पूछताछ कर रही है क्राइम ब्रांच (Photo-PTI)

ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार को दिल्ली पुलिस ने मर्डर केस में गिरफ्तार कर लिया है। उन पर साथी सागर धनखड़ की पीट-पीटकर हत्या करना का आरोप है। इस मामले में पुलिस उनसे लगातार पूछताछ भी कर रही ही है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने कई सबूत जुटा लिए थे, लेकिन अभी भी जांच एजेंसी अन्य ठोस सबूत जुटाने में लगी हुई है। मामले की जांच दिल्लीपुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।

घटना के समय सुशील कुमार ने जो कपड़े पहने हुए थे वो अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। ऐसे में पुलिस के सामने कई चुनौती है। खैर, पुलिस के लिए ये कोई नया काम नहीं है जब उसे सबूत जुटाने के लिए इतनी जद्दोजहद करनी पड़ रही हो। ऐसे में आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ‘लोकार्ड’ सिद्धांत का भी इस्तेमाल करती है। ये एक ऐसा सिद्धांत होता है जिसमें जांच एजेंसी काफी विश्वास भी करती है। भले ही ये सिद्धांत 150 साल पुराना क्यों न हो गया हो, लेकिन कई मौके पर सटीक साबित भी होता है।

‘लोकार्ड’ सिद्धांत का सीधा-सा मतलब होता है कि आरोपी कुछ न कुछ तो जरूर मौका-ए-वारदात पर छोड़कर गया होगा। तो ऐसे में जांच एजेंसी मौके पर पहुंकर बार-बार कुछ न कुछ टटोलती है, जिससे कुछ सबूत जरूर मिले। यही रणनीति जांच एजेंसियां कई घटनाओं में अपना चुकी हैं। बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड की जांच भी कुछ इसी आधार पर हुई थी। मौके पर सीबीआई की टीम पहुंची थी जबकि नोएडा पुलिस पूरी मामले की तफ्तीश कर चुकी थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, जांच एजेंसियों को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये साफ हो गया है कि सागर की मौत बाहरी चोट के कारण हुई है। ऐसे में सुशील को भी मौके पर देखा गया था तो इस मारपीट के सबूत जरूर कुछ न कुछ छूटे होंगे।

इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुशील कुमार ने इस हत्या के बाद अपना मोबाइल फोन हरिद्वार में ठिकाने लगाया था। पुलिस को पूछताछ में सुशील कुमार ने बताया कि उसका इरादा बिल्कुल भी सागर को मारने का नहीं था, सिर्फ पिटाई करने के लिए लड़के बुलाए थे। सुशील ने कहा कि सागर छत्रसाल स्टेडियम का माहौल खराब कर रहा था इसलिए वह उसे सिर्फ रोकना चाहता था।

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