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Google Maps का चोरों ने किया जमकर इस्‍तेमाल, 11 मंदिरों पर किया हाथ साफ

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए यह चोर अपनी जीविका चलाने के लिए चोरी पर निर्भर नहीं थे। यह खाली समय में ही चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

टेक्नोलॉजी ने हम सभी की जिंदगी आसान बना दी है। इसी की बदौलत हम घर बैठे कुछ भी ऑर्डर कर सकते हैं। अनजाने रास्तों को भी खोजते हुए मंजिल तक पहुंच सकते हैं। रास्ता ढूंढ़ने के लिए तो गूगल मैप सभी इस्तेमाल करते हैं। जी हां, सभी इस्तेमाल करने लगे हैं। इन सभी में वह भी हैं, जो बीते दिनों गूगल मैप का इस्तेमाल कर जमकर चोरी किया करते थे। हालांकि अब यह गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।

मामला कर्नाटक के मैसूर का है। जहां पुलिस ने पांच चोरों के गैंग को दबोच लिया। यह सभी बीते करीब पांच महीनों से लूट कर रहे थे। इन ‘टेक फ्रेंडली’ चोरों ने मैसूर और चामराजनगर के 11 मंदिरों में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। यह चोर अपना शिकार गूगल मैप की मदद से ढूंढ़ते थे। पुलिस के अनुसार सभी की उम्र 19-26 साल के बीच है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए यह चोर अपनी जीविका चलाने के लिए चोरी पर निर्भर नहीं थे। यह खाली समय में ही चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। यह चोर गूगल मैप के जरिए आस पास या दूर के मंदिरों को ढूंढ़ते और चोरी की योजना बनाकर हाथ साफ कर देते। इस गैंग के सभी सदस्य कहीं ना कहीं काम करते हैं।

मंदिरों में बढ़ती चोरी की घटनाओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी। 11 मंदिरों में चोरी की वारदातों से पुलिस की किरकिरी हो रही थी। इसके बाद चामराजनगर पुलिस ने भी रणनीति बनाकर सभी को गिरफ्तार कर लिया। मामले पर एसपी धर्मेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि, कुछ समय से मंदिरों में चोरी की घटनाओं की सूचना मिल रही थी। पहले तो प्रयास किए गए लेकिन हल नहीं निकला। फिर ध्यान दिया गया कि सभी चोरियां शहर से दूर इलाकों में हो रही हैं। इसके बाद चोरों को पकड़ने के लिए एक एसआईटी गठित की गई। तब जाकर यह गैंग पकड़ में आया।

एसपी के मुताबिक, चोरों का यह गैंग पिछले पांच महीनों से सक्रिय था। इस गैंग ने चामराजनगर में 9 और मैसूर में दो मंदिरों में चोरियां की थीं। उन्होंने बताया, ‘यह गैंग गूगल मैप के जरिए मंदिर तो ढूंढ़ते ही थे साथ ही आसपास के पॉश इलाकों की भी रेकी करते थे।’

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