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Video में बहू को खींचते-घसीटते दिखे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज, बेटे ने बहू को पीटा तो उन्होंने घसीटा

हैदराबाद में रिटायर्ड हाई कोर्ट जस्टिस और उनके परिजनों पर दहेज के लिए बहू को प्रताड़ित करने और मारने-पीटने का केस दर्ज कराया गया है। घटना का वीडियो फुटेज भी पुलिस को सौंपा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Author हैदराबाद | Published on: September 21, 2019 8:56 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस)

मद्रास व आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से 5 महीने पहले रिटायर हुए जस्टिस नूती राम मोहन राव, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ हैदराबाद पुलिस ने एक केस दर्ज किया है। उन पर कथित रूप से अपनी बहू को परेशान करने और मारने-पीटने का आरोप है। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी है। रिटायर्ड जस्टिस राव की बहू एम सिंधू शर्मा के परिवार वालों ने 20 अप्रैल 2019 का एक वीडियो जारी किया है।

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रही मारपीट : 2.20 मिनट के वीडियो में राव के बेटे एन वशिष्ठ अपनी पत्नी सिंधू को बहस करने के बाद पिटाई करते दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि राव और उनकी पत्नी दुर्गा जयलक्ष्मी भी वहां पहुंचती हैं। दुर्गा हस्तक्षेप करते हुए लड़ाई रोकती हैं। जबकि वशिष्ठ अपनी पत्नी सिंधू को घूंसा और चांटे मारते दिख रहे हैं। रिटायर्ड जस्टिस राव बहू का हाथ खींचते हुए सोफे पर ढकेलते देखे जा सकते हैं।

20 अप्रैल को हुई थी घटना : 27 अप्रैल को सिंधू ने हैदराबाद सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस)में अपने पति और सास के खिलाफ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना और परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई। सिंधू ने बताया कि कि 20 अप्रैल की रात उसे मारा-पीटा गया। इससे उसे अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ गई।

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बहू को मनोरोगी साबित करने की कोशिश : सिंधू के पिता एमवी शर्मा ने कहा कि उन्होंने रिटायर्ड जस्टिस राव, बेटे वशिष्ठ और पत्नी दुर्गा लक्ष्मी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए, 323, डीपी अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने मेरी बेटी को 20 अप्रैल को मार-पीटकर घायल करने के बाद स्वयं अपोलो हास्पिटल में भर्ती करा दिया। उसकी पीठ, छाती और हाथों पर कट और खरोंच हैं। वे लोग मेरी बेटी को मानसिक रूप से अस्वस्थ और खुद से अपने को चोट पहुंचाने वाली साबित करने की कोशिश किए।

पुलिस ने दोनों पक्ष के दर्ज किए बयान :सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) के डीसीपी अविनाश मोहंती ने बताया कि शिकायत करने वालों ने सीसीटीवी फुटेज देने का वादा किया है, लेकिन काफी दिनों तक दिया नहीं। उन्होंने बताया कि सिंधू शर्मा की ओर से जब हमने केस दर्ज किया तो वह और उनके घर वालों ने कहा था कि वे जांच में सहयोग करेंगे और उस पर हमले का वीडियो देंगे। हमने वशिष्ठ और सिंधू के बयान पहले ही ले लिए हैं।

पुलिस के समझौते का प्रयास नाकाम :कहा, “अप्रैल के बाद से कई नोटिस भेजने के बावजूद, सिंधु ने उस पर कथित हमले का वीडियो कभी भी नहीं सौंपा। शिकायत दर्ज करने के बाद, दंपति को यह देखने के लिए बुलाया गया कि क्या वे अपने छोटे बच्चों की खातिर सुलह कर सकते हैं। बातचीत और समझौते का प्रयास अभी भी जारी है, लेकिन हमें कोई समाधान नहीं दिख रहा और इस बीच सिंधु के परिवार ने यह वीडियो जारी किया। हम इसकी जांच करेंगे और कार्रवाई शुरू करेंगे।”

बिजनेस के लिए पैसा मांगने का आरोप : सिंधु के एक चाचा ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा: “वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि रिटायर्ड जस्टिस और उनकी पत्नी ने सिंधु पर हमले को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।” सिंधु के पिता ने कहा, “न्यायाधीश ने खुद अपनी पत्नी दुर्गा लक्ष्मी के साथ मेरी बेटी पर हमले में सहयोग किया। और अधिक दहेज लाने के लिए वे कई वर्षों से उसे परेशान कर रहे थे, लेकिन उसने मना कर दिया, इसलिए उसे निशाना बनाया गया। वे अपने बेटे वशिष्ठ को कांस्ट्रक्शन बिजनेस में लांच करने के लिए और अधिक पैसा चाहते हैं।

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