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जेएनयू की लाइब्रेरी में घुसे छात्र, गार्ड से हाथापाई, पुलिस ने महामारी ऐक्ट के तहत दर्ज किया केस

पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की थी। कोविड प्रोटोकॉल के मानक का भी उल्लंघन किया और पुस्तकालय के फाटकों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस ने कहा कि 35-40 छात्रों का एक समूह पुस्तकालय के बाहर इकट्ठा हो गया था, जो महामारी के कारण छात्रों के लिए बंद है। (फाइल फोटो)

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के छात्रों के एक समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। ये छात्र कथित तौर पर जबरन विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में घुसने और तोड़फोड़ करने के आरोपी हैं। इन पर यह भी आरोप है कि इन लोगों ने रोके जाने पर परिसर में सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट की। केंद्रीय पुस्तकालय अभी कोरोना महामारी के कारण बंद चल रहा है। आरोपी छात्र उसको जबरन खोलवाना चाहते थे।

पुलिस के मुताबिक मंगलवार की सुबह करीब 10 बजकर 40 मिनट पर 35-40 छात्रों का एक समूह पुस्तकालय के बाहर इकट्ठा हुआ। इन लोगों ने गार्ड से पुस्तकालय का गेट खोलने के लिए कहा। गार्ड ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इस पर छात्र भड़क उठे और वहां पर सेंध लगाने की कोशिश करने लगे।
प्राथमिकी के अनुसार छात्रों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए गार्ड ने क्विक रिस्पांस टीम को बुला लिया।

एफआईआर के मुताबिक “छात्रों ने सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की और पुस्तकालय के गेट को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। गेट का शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया। सुरक्षा कर्मियों ने हमले का विरोध किया और छात्रों को तीनों प्रवेश द्वारों पर रोक दिया। इस बीच छात्र एक छोटा सा गेट पा गए। उसके शीशे को तोड़कर वे पुस्तकालय में घुस गए। हालांकि बाद में सुरक्षा कर्मियों ने उनको वहां से हटा दिया।”

पुलिस ने बताया कि इसके बाद भी छात्र सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करते रहे। उन्होंने कोविड प्रोटोकॉल के मानक का भी उल्लंघन किया और पुस्तकालय के फाटकों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम, डीडीएमए अधिनियम, महामारी रोग अधिनियम और आईपीसी की धाराओं समेत कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। घटना को देखते हुए जेएनयू परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

छात्रों ने इस घटना के बारे में ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रशासन ने महामारी के दौरान पुस्तकालय को बंद कर दिया है। उन्होंने छात्रों के लिए केंद्रीय पुस्तकालय को “तत्काल फिर से खोलने” की मांग की।

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