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सीरियल किलर को दबोचा औऱ आतंकी हमले में भी दिखाई बहादुरी, मशहूर अफसर राकेश कौशल की कहानी

दरबारा सिंह के बारे में आपको बता दें कि 1952 में अमृतसर के ब्यास में जन्में दरबारा सिंह को बेबी किलर के नाम से जाना जाने लगा।

crime, crime newsIPS राकेश कौशल। फोटो सोर्स – सोशल मीडिया

हमने अब तक कई पुलिस अधिकारियों की बहादुरी के किस्से आपको बताए हैं। आज हम जिस अफसर की यहां बात कर रहे हैं उन्होंने पुलिस सेवा में रहते हुए कई बड़े कारनामों को अंजाम दिया। इस जाबांज अफसर की बहादुरी की वजह से उन्हें आईपीएस पदोन्नत किया गया था। हम बात कर रहे हैं बहादुर अधिकारी राकेश कौशल की। खूंखार सीरियल बेबी किलर दरबारा सिंह को उसके अंजाम तक पहुंचाने वाले राकेश कौशल जब पंजाब रिक्रूटमेंट एंड ट्रेनिंग सेंटर (पीआरटीसी) जहानखेलां, होशियारपुर में कमांडेंट के पद पर तैनात थें तब उन्होंने 5 करोड़ के बहुचर्चित लूट कांड को 20 दिन के रिकॉर्ड समय में हल कर दिया था। इसके अलावा वो एक करोड़ से ज्यादा की विदेशी करेंसी के लूट कांड के आरोपी को मात्र 24 घंटों के भीतर दबोच कर चर्चाओं में रह चुके हैं।

दरबारा सिंह के बारे में आपको बता दें कि 1952 में अमृतसर के ब्यास में जन्में दरबारा सिंह को बेबी किलर के नाम से जाना जाने लगा। कहा जाता है कि वो अक्सर साइकिल से घूमता था और अपनी बैग में ढेर सारी टॉफियां रखता था। वो टॉफियों का लालच देकर मासूम बच्चों को फंसाता और फिर उन्हें अपनी हैवानियत का शिकार बना उनकी हत्या कर देता था। कहा जाता है कि दरबारा सिंह ने करीब 17 मासूम बच्चों को अपना शिकार बनाया था। दरबारा सिंह इससे पहले साल 1975 में पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन का एक अधिकारी भी था।

बताया जाता है कि इस दौरान उसने एक मेजर पर हैंड ग्रेनेड फेंक दिया था। हालांकि बाद में इस मामले में वो बरी हो गया था। एक प्रवासी मजदूर के बच्ची को मारने के जुर्म में अदालत ने उसे 30 साल की सजा भी सुनाई थी। हालांकि इसके अच्छे व्यवहार को देखते हुए सजा को घटाकर 10 साल कर दिया गया था। जेल से बाहर आने तक इसके मन में प्रवासी मजदूरों के लिए द्वेष और बढ़ गया था। इसी वजह से उसने कई प्रवासी मजदूरों के बच्चों की हत्या की थी।

राकेश कौशल आतंकवाद के काले दौर के दौरान वर्ष 1988 में पंजाब पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर भर्ती हुए और पंजाब के कई थानों में बतौर एसएचओ तैनात रहे। वर्ष 1993 में उन्हें डीएसपी पदोन्नत किया गया। इस दौरान वह डीएसपी मोहाली, कपूरथला, फरीदकोट, जालंधर, लोकपाल पंजाब, सीएम सिक्योरिटी आदि महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

वर्ष 2002 में पंजाब सरकार की तरफ से उन्हें एसपी पदोन्नत किया गया था और वह जालंधर में एसपी ट्रैफिक, एसपी सिक्योरिटी एवं एसपी ऑपरेशन के पद पर तैनात रहे। अमृतसर में भी वह एसपी हेड क्वार्टर एसपीसीएम सुरक्षा समेत अन्य पदों पर भी तैनात रहे।

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