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इस गिरोह के टारगेट पर थे सिर्फ डॉक्टर, सैकड़ों को फंसाकर यूं ठगे 100 करोड़ रुपए

आरोपी डॉक्टरों को ठगने के लिए पूरा माहौल बनाते थे। संपर्क साधने और ठगों की स्कीम में फंसने वाले डॉक्टरों को मीटिंग में बुलाया जाता था। यह मीटिंग बड़े होटलों में बाकायदा पार्टी के साथ होती थीं।

इस गिरोह ने अब तक 100 से ज्यादा डॉक्टर ठगे हैं।

राजस्थान के जयपुर में पुलिस के हाथ एक ऐसा गिरोह आया है जो केवल डॉक्टरों को अपने टारगेट पर रखता था। गिरोह के सदस्यों ने बड़े ही शातिराना तरीके से जाल बना रखा था। मोटे मुनाफे के लालच में आकर डॉक्टर खुद उनका शिकार बन जाते थे। इस गिरोह ने अब तक 100 से ज्यादा डॉक्टर ठगे हैं। जिनके पास से इन्होंने करीब 100 करोड़ रुपए ऐंठे हैं। हालांकि यह कोई नया गिरोह नहीं है। कुछ महीने पहले इनके सदस्यों को पुलिस ने बिटक्वाइन का गोरखधंधा चलाने के चलाते गिरफ्तार किया था।

पुलिस के हत्थे चढ़े इस गिरोह का सरगना कोई अपराधी नहीं बल्कि खुद एक डॉक्टर है। गिरोह के सदस्य डॉक्टरों को पहले लोन दिलाते थे। इसके बाद उन्हें शेयर बाजार में इन्वेस्ट करा के मोटा फायदा कमाने का झांसा देते थे। पुलिस ने तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का मुखिया बताया जा रहा डॉ. रामलखन डिसानिया जोबनेर, जयुपर के मानसरोवर का रहने वाला अमित शर्मा और जनता कॉलोनी की रहने वाली नेहा जैन है।

एसओजी एडीजी अनिल पालीवाल ने मामले पर बताया कि, बड़ी तादाद में ठगी का शिकार हुए डॉक्टरों ने शिकायत की थी। इसी पर कार्यवाई करते हुए इन्हें गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह के सदस्य पूरा जाल बिछाकर डॉक्टरों को फंसाते थे। इसके सदस्य कई जिलों के डॉक्टरों को ठग चुके हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुखिया रामलखन खुद एक डॉक्टर है, इसी का फायदा उठाकर वह डॉक्टरों से कॉन्टेक्ट आसानी से कर लेता था।

आरोपी डॉक्टरों को ठगने के लिए पूरा माहौल बनाते थे। संपर्क साधने और ठगों की स्कीम में फंसने वाले डॉक्टरों को मीटिंग में बुलाया जाता था। यह मीटिंग बड़े होटलों में बाकायदा पार्टी के साथ होती थीं। गिरोह के सदस्य डॉक्टरों को हर महीने 10 हजार से एक लाख रुपए कमाने का लालच देते थे।

 

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