ताज़ा खबर
 

‘लात-घूंसे और लकड़ी के डंडे से पीटा, इलेक्ट्रिक शॉक दिए, पेचकस से गोदते रहे’ 11 साल के बेटे ने सुनाई पिता पर हुए पुलिसिया अत्याचार की दास्तां

तोमर का बेटा अपने पिता पर हुए अत्याचार का गवाह है। उसने बताया कि पुलिस वालों ने पापा को लात-घूंसों से मारा। लकड़ी के डंडों से पीटा और बिजली के झटके दिए। साथ ही, बार-बार पेचकस से गोदते रहे।

Author हापुड़ | Updated: October 16, 2019 1:51 PM
प्रदीप तोमर का परिवार, फोटो ,सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

उत्तर प्रदेश के पिलखुआ में रहने वाले प्रदीप तोमर (35) रविवार (13 अक्टूबर) शाम घर से निकले थे। उन्होंने पत्नी को बताया था कि छोटे भाई की बाइक पंक्चर हो गई है। उसकी मदद करने जा रहा हूं। जल्दी ही घर लौट आऊंगा। प्रदीप अपने साथ 11 साल के बेटे को भी ले गए थे। इसके बाद प्रदीप कभी नहीं लौटे। बताया जा रहा है कि रास्ते में ही पुलिस ने हत्या के एक मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, कथित तौर पर उन्हें कई पुलिसवालों ने प्रताड़ित किया, जिससे पुलिस कस्टडी में उनकी मौत हो गई।

बेटे ने किया यह दावा: प्रदीप तोमर के बेटे ने अपने पिता पर हुए अत्याचार का गवाह होने का दावा किया है। उसने बताया कि पुलिस वालों ने पापा को लात-घूंसों से मारा। लकड़ी के डंडों से पीटा और बिजली के झटके दिए। साथ ही, बार-बार पेचकस से गोदते रहे।

National Hindi News, 16 October 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

शरीर पर चोट व घाव के निशान: बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे कथित तौर पर प्रदीप तोमर का बताया जा रहा है। इसमें प्रदीप के बाएं हाथ पर चोट के गहरे निशान हैं, जबकि पूरे शरीर पर घाव बने हुए हैं। 11 साल के बच्चे के मुताबिक, पुलिसवालों ने पापा को थप्पड़ भी मारे थे। साथ ही, मुंह में बंदूक डालकर चेतावनी दी थी कि वह इस बारे में किसी को नहीं बताएगा।

विधानसभा चुनाव 2019 Live Updates: हरियाणा-महाराष्ट्र चुनाव से संबंधित खबरें यहां पढ़ें

एसएचओ समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड: मेरठ जोन के आईजी आलोक सिंह के निर्देश पर हापुड़ पुलिस ने पिलखुआ के थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। आईजी ने आदेश दिया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों की सुरक्षा की जाए। साथ ही, पुलिस की इमेज का भी ध्यान रखा जाए।

Ayodhya Ram Mandir-Babri Masjid Case Hearing LIVE Updates: राम मंदिर केस और अयोध्या से जुड़ी हर खबर यहां पढ़ें

आईजी ने कही यह बात: आईजी ने कहा, ‘‘नियमों के मुताबिक, पुलिस कस्टडी में किसी की मौत होना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इसका असर पूरे पुलिस विभाग पर पड़ता है। हवालात में गैरकानूनी तरीके से आरोपी को पीटना पुलिस के अमानवीय व आक्रामक स्वभाव को दिखाता है। इस पर रोक लगनी चाहिए। इस तरह की गतिविधियों में शामिल पुलिसकर्मियों को हर हाल में दंड मिलना चाहिए।’’

 

कार्रवाई से खुश नहीं प्रदीप की पत्नी: पति की मौत के बाद प्रदीप की पत्नी गमगीन हैं और पुलिस की कार्यवाही से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जिन्होंने हत्या के आरोप में मेरे पति के साथ ऐसा व्यवहार किया, उन्हें भी पीटा जाना चाहिए। मेरे पति परिवार में कमाने वाले अकेले सदस्य थे। अब हमारा क्या होगा? मुझे नौकरी मिलनी चाहिए। वहीं, जब मेरे बेटे बड़े हो जाएं तो उन्हें भी जॉब मिले।’’ बता दें कि प्रमोद के परिजनों ने सोमवार को मेरठ कमिश्नर के ऑफिस पर प्रदर्शन किया, लेकिन कोई भी अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया।

पुलिस हत्या से ऐसे जोड़ रही तार: हापुड़ के एसपी यशवीर सिंह ने बताया, ‘‘प्रदीप को हत्या के एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। अगस्त में प्रीति नाम की एक महिला का कत्ल हुआ था, लेकिन तब उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। शिनाख्त होने के बाद महिला के पति दिगंबर को पकड़ा गया, जिसने कथित तौर पर अपने एक रिश्तेदार की मदद से प्रीति की हत्या की थी। इस वारदात के लिए 2 लोगों को 1.5 लाख रुपए में सुपारी दी गई थी। कथित तौर पर प्रदीप तोमर ने उन्हें पैसे दिए थे। प्रदीप की शादी दिगंबर की बहन से हुई थी।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 ‘गर्लफ्रेंड’ के चक्कर में जेल पहुंचा कार लूट का आरोपी, दबोचने के लिए पुलिस ने ऐसे किया Honey Trap
2 Delhi: सस्ती कार सर्विस का ऑफर देकर मांगा 190 रुपए का चेक, ठगी कर खाते से निकाल लिए 1.75 लाख
3 Telangana: युवक पर मंदिर में चोरी का था शक, लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला