पुलिस ने सुलझाई इंडिगो मैनेजर की हत्या की गुत्थी, रोडरेज के बाद तलाश रहा था आरोपी, जानें पूरी कहानी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि 12 जनवरी की संध्या करीब सात बजे कुछ अज्ञात हथियारबन्द अपराधियों ने सिंह पर पुनाईचक स्थित कुसुम विलास अपार्टमेंट के पास ताबड़तोड़ गोलिया चलाकर उनकी हत्या कर दी थी।

Patna Rupesh Murder Caseपटना में रूपेश हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी को ले जाती पुलिस। (फोटो-पीटीआई)

पटना पुलिस ने निजी एयरलाइंस इंडिगो के स्थानीय स्टेशन प्रबंधक रूपेश सिंह की हत्या के मामले में बुधवार को मुख्य साजिशकर्ता एवं शूटर को गिरफ्तार करने के साथ दावा किया कि यह वारदात रोड रेज के चलते अंजाम दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि 12 जनवरी की संध्या करीब सात बजे कुछ अज्ञात हथियारबन्द अपराधियों ने सिंह पर पुनाईचक स्थित कुसुम विलास अपार्टमेंट के पास ताबड़तोड़ गोलिया चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। वह जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से वापस घर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि मामले में शास्त्रीनगर थाना में भादंस की धाराओं-302 एवं 120 बी तथा हथियार कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने के साथ एक विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की गई।

शर्मा ने कहा कि जांच के आधार पर रितु राज नामक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया, जिसने रूपेश हत्याकांड के संबंध में अपनी एवं अपने साथियों की संलिप्तता स्वीकार की।

उन्होंने बताया कि राज ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि वह लम्बे समय से मोटरसाइकिल चोरी के अपराध में संलिप्त रहा है, उसे महंगी गाड़ियों, कपड़ों आदि का शौक है। रितु राज के अनुसार वह शुरू से गुस्सैल प्रवृत्ति का है, जिससे वह मुहल्ले में छोटे-मोटे दबंग के रूप में पहचाना जाता है।

शर्मा ने कहा कि रितु राज ने पुलिस को बताया कि पिछले साल नवम्बर के अंत में वह पटेल गोलम्बर से एयरपोर्ट की ओर जा रहा था एवं दूसरी ओर से सिंह की गाड़ी आ रही थी। अचानक इसने यू टर्न लिया तो दोनों की गाड़ी टकराते-टकराते बची। इस पर वह रूपेश से उलझ गया एवं इनके बीच गाली-गलौज एवं धक्का-मुक्की हुई, इस पर सिंह ने इसे प्रशासन को सौंपने को बात कही। चूंकि उस समय इसके पास चोरी की सफेद अपाचे मोटरसाइकिल थी, इसलिए वह उस समय चुप रह गया एवं उसने माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से राज ने यह प्रण किया कि वह रूपेश को सबक सिखाकर ही दम लेगा।

शर्मा ने कहा कि राज ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर रूपेश को मारने का चार बार प्रयास किया। पर कभी पुलिस गश्ती के पहुंच जाने तथा कभी रूपेश सिंह को तेज गाड़ी चलाने की वजह से वह सफल नहीं हो पाया और अन्तत: 12 जनवरी को वह अपनी मंशा में सफल हो गया।

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