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Bihar: जिंदा शख्स को बता दिया मृत, कहा- Mob Lynching में मारा गया, पत्नी ने कर्ज लेकर कराया श्राद्ध; लेकिन हुआ ये खुलासा

पुलिस ने एक जिंदा शख्स को मृ़त बताकर उसका अंतिम संस्कार करा दिया। बता दें कि व्यक्ति के जिंदा घर वापस आने पर मामले का खुलासा हुआ है।

Author पटना | Updated: November 17, 2019 3:47 PM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

बिहार पुलिस की बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है। मॉब लिंचिंग में मारे गए एक व्यक्ति के जिंदा वापस आने से परिवार वालों के साथ पुलिस में भी खलबली मच गई है। बता दे कि कृष्णा मांझी नामक शख्स की मॉब लिंचिंग के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने की बात पुलिस ने बताई थी। इसके बाद पुलिस ने कृष्णा की लाश को उसकी पत्नी को सौंप दी थी। पत्नी ने भी पति को मृत समझकर और उसकी पहचान सही से नहीं होने पर अंतिम संस्कार कर दिया था। बाद में असली पति के वापस आने के बाद यह खुलासा हुआ कि पुलिस ने गलत पहचान कर दूसरे व्यक्ति को उसका पति बताया था और उसका अंतिम संस्कार करवा दिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस मामले की जांच में फिर से जुटी गई है। पटना के एसएसपी ने बयान जारी कर कहा है कि पुलिस द्वारा मृत बताए गए शख्स की पहचान पुलिस फिर से करेगी।

क्या है पूरा मामलाः बता दें कि बिहार पुलिस ने कृष्णा मांझी के पत्नी को बताया कि उसके पति की मॉब लिंचिंग के बाद इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। इसके बाद पुलिस ने उसके पति की लाश दी थी जिसकी पहचान सही से हो नहीं पा रही थी। महिला ने जब सही से पहचान नहीं होने के बारे में पुलिस से पूछा तो उन लोगों ने बताया कि वह लाश उसके पति की ही है। अंत में महिला ने रोते रोते अपने पति का अंतिम संस्कार किया। लेकिन कुछ दिन बाद कृष्णा के जिंदा घर लौटने से पुलिस की बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है। घर वापस आए मांझी ने बतााय कि वह बाहर काम करता है और छुट्टी मिलने पर अब घर वापस आया है।

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पत्नी के पास पैसे नहीं थे अंतिम संस्कार के लिएः पुलिस द्वारा किसी और की लाश को उसका पति बताकर अंतिम सस्कार करवा दिया गया। पत्नी ने बताया कि उसके अंतिम संस्कार के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। इसलिए महिला ने घर के बर्तन बेच और कई लोगों से कर्ज लेकर पति का श्राद्ध किया था। लेकिन पति के घर जिंदा लैट आने से पत्नी के परिवार वालों में भी खुशी है। बता दें कि मामला पटना के नौबतपुर के थाने का है।

खुलासे के बाद पुलिस लापरवाही छुपाने में लगीः बता दें कि पुलिस ने कृष्ण की पहचान उसके हाथ में गोदाए गोदने से की थी। लेकिन बाद में यह खुलासा हुआ कि जिंदा कृष्णा के हाथ में गोदना है और वह अभी जिंदा भी है। मामले में पुलिस की निंदा होने के बाद इस मामले में फिर से जांच शुरु हुई है। बता दें कि पुलिस पर आरोप लगा है कि बिना सही जांच के लाश को सौंपा गया था जिसमें मृतक की पहचान पर भी सवाल खड़े होते हैं।

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