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जेल जाने के बाद धार्मिक किताबों को बांचने में जुटे पार्थ चटर्जी, जानिए कैसे काट रहे सलाखों के पीछे समय?

WB SSC Scam: पश्चिम बंगाल की प्रेसीडेंसी जेल में बंद बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी इन दिनों अपना समय धार्मिक किताबें पढ़कर काट रहे हैं। बताया गया है उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई है।

जेल जाने के बाद धार्मिक किताबों को बांचने में जुटे पार्थ चटर्जी, जानिए कैसे काट रहे सलाखों के पीछे समय?
पार्थ चटर्जी (फ़ोटो सोर्स: @itspcofficial)

WB SSC Scam: पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किये गए बर्खास्त मंत्री पार्थ चटर्जी फिलहाल जेल में बंद है। ऐसे में वह अपना अधिकतर समय धार्मिक किताबों को पढ़कर बिता रहे हैं। बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को कथित घोटालों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

धार्मिक किताबें पढ़ रहे पार्थ चटर्जी

जेल जाने के बाद से पार्थ के वकील और उनके सहयोगी लगातार उनके संपर्क में बने रहतें हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्थ चटर्जी की वकील सुकन्या भट्टाचार्य ने मंगलवार को दो किताबें प्रेसीडेंसी जेल भेजी हैं। बताया गया है कि यह किताबें वकील सुकन्या ने पार्थ के घर से मंगाई हैं। इन किताबों के नाम ‘श्री श्री रामकृष्ण कथामृत’ और ‘अमानीबास’ हैं।

महेंद्रनाथ गुप्ता और महाश्वेता देवी की हैं किताबें

पार्थ को जेल में भेजी गई किताबों को महेंद्रनाथ गुप्ता (श्री श्री रामकृष्ण कथामृत) और महाश्वेता देवी (अमानीबास) ने लिखा है। श्री श्री रामकृष्ण कथामृत, रामकृष्ण परमहंस से संबंधित हैं। पार्थ ने पहले अपने वकीलों से उन्हें कुछ किताबें भेजने के लिए कहा था, जिन्हें वह जेल में बंद रहते हुए पढ़ सकते थे। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पार्थ को किताबें भेजी थीं।

ज्यूडिशियल कस्टडी के अनुभवों को लिखने की भी इच्छा

रिपोर्ट के मुताबिक, पार्थ चटर्जी न्यायिक हिरासत के दिनों की अपनी यादों और रोजमर्रा के अनुभवों को लिखना भी चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, जब पार्थ चटर्जी को मंगलवार को उनके वकील ने किताबें सौंपी तब भी वह अपने परिवार के सदस्यों व कारीबियों का हाल-चाल पूछ रहे थे। ज्ञात हो कि ईडी की हिरासत का समय पूरा होने के बाद पार्थ चटर्जी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

पार्थ चटर्जी को कोई विशेष सुविधा नहीं

न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद पार्थ चटर्जी को कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई है। पार्थ के वकील के अनुसार, वह सामान्य कैदी की तरह जेल में रह रहे हैं और हमें कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हम कानूनी रूप से लड़ेंगे और वह एक दिन खुद को बेगुनाह साबित करेंगे।

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