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अदालत में खून-खराबे का था प्लान, कई अपराधों में वांछित और इनामी गैंगस्टर अशोक प्रधान की कहानी…

बताया जाता है कि अशोक प्रधान पर दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस ने ईनाम घोषित कर रखा था

crime, crime newsसांकेतिक तस्वीर।

इसी साल फरवरी के महीने में दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने अशोक प्रधान और उसके एक साथी अरुण बाबा को गिरफ्तार किया था। आज बात एक ऐसे गैंगस्टर की जिसने अदालत के अंदर घुस कर खून-खराबे की भयानक योजना बनाई थी। इस खूंखार गैंगस्टर पर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। दिल्ली और हरियाणा के टॉप मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में गैंगस्टर अशोक प्रधान का नाम दर्ज है। जानकारी के मुताबिक अशोक प्रधान हत्या के चार केसों समेत सात केसों में वांछित था और वर्ष 2014 से पेरोल जंप करने के बाद फरार था।

कहा जाता है कि अशोक प्रधान ने साल 2001 में अपराध की दुनिया में उस समय कदम रखा था जब इसने नीतू दबोदिया के कहने पर बहादुरगढ़ में ग्राम प्रधान व बहादुरगढ़ सिटी में डॉक्टर की हत्या कर दी थी। इसके बाद कॉट्रेक्ट किलिंग, गैंगवार में हत्या व फिरौती के लिए अपहरण की वारदातों को अंजाम देने लगा था। साल 2004 में इसके भाई की विरोधी गिरोह के राजीव उर्फ काला ने हत्या कर दी थी। इसके बाद अशोक प्रधान पर आरोप लगा था कि उसने राजीव उर्फ काला व उसके गिरोह के कई साथियों की एक-एक कर हत्या कर दी थी। इस मामले में ये गिरफ्तार हुआ था।

साल 2009 में अशोक प्रधान को पेरोल मिला था। दिल्ली पुलिस ने साल 2013 में नीतू दबोदिया व उसके तीन साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद अशोक प्रधान ने गिरोह की कमान संभाल ली थी। अशोक प्रधान ने वर्ष 2016 में गांव बराही हरियाणा निवासी कृष्ण की हत्या कर दी थी। इसने अक्तूबर, 2020 में नीरज बवानिया के साथी शक्ति उर्फ दादा और काला झजेठी के गिरोह के रोहित की हत्या कर दी थी।

बताया जाता है कि अशोक प्रधान पर दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस ने ईनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने जानकारी दी थी कि आरोपी दिल्ली के टॉप मोस्ट गैंगस्टर नीरज बवानिया व अरूण बाली की हत्या की साजिश रच रहा था। दिल्ली पुलिस ने हरियाणा पुलिस को सूचना दे दी थी। सीआई डीसीपी मनीषी चंद्रा ने उस वक्त बताया था कि 31 जनवरी को सूचना मिली थी कि अशोक प्रधान और अरूण बाबा किसी अज्ञात काम से मिलेनियम पार्क, बाहरी रिंग रोड पर आए थे।

एसीपी राहुल विक्रम की देखरेख में इंस्पेकटर विक्रम दहिया, इंस्पेक्टर संदीप डबास, एसआई मनजीत व सुमेर सिंह की टीम ने यहां घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया था। इनके कब्जे से दो लोडेड हथियार व रोहतक से लूटी गकई मारूति सियाज कार बरामद की गई थी।

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